घुमारवीं शहर में तीसरी आंख का पहरा जरूरी
घुमारवीं शहर में तीसरी आंख से सुरक्षा का सपना अभी भी साकार नहीं हो पाया है। हालांकि कईं सालों से शहर में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की मांग होती रही है, लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से सीसीटीवी कैमरे लगाने की कोई पहल नहीं की गई है। जबकि सीसीटीवी कैमरे आज के समय और सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी हो चुके हैं। शहर में पिछले कुछ वर्षों से लगातार चोरी तथा अन्य प्रकार की कईं घटनाएं हो चुकी है, लेकिन शहर में सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से अक्सर पुलिस के हाथ खाली रह जाते हैं। शहर के चौक-चौराहों, प्रमुख बाजार के साथ-साथ इस समय बस स्टैंड में सीसीटीवी कैमरों की सख्त जरूरत है, लेकिन अभी तक शहर में कही भी कैमरे नही लगाए जा सके है। यहां अक्सर यात्रियों के सामान चोरी होने के साथ-साथ छीनाझपटी की कईं वारदाते हो चुकी हैं। एक तरफ तो शहर में छोटे-बड़े व्यापारियों का दुकानदारों की ओर से दुकानों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से शहर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बस अकेले बस स्टैंड पर ही गहने चोरी, स्कूली कॉलेज के छात्रों की लड़ाई-झगड़ा तथा लड़कियों से छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें अधिकतर मामले पुलिस तक नहीं पहुंच पाते हैं, लेकिन जो मामले पुलिस तक पहुंचे वह भी अभी आज तक नहीं सुलझ पाए है।
चौक-चौराहों और बस स्टैंड में कैमरे लगवाने चाहिए
शहर वासियों का कहना है कि नगर परिषद, प्रशासन व पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से योजना बनाकर के चौक चौराहों तथा बस स्टैंड पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने चाहिए, ताकि शहर की गतिविधियों की जानकारी आसानी से मिल सके तथा लोग भी इस सुरक्षित महसूस कर सकें, क्योंकि ज्यादातर अपराध में अंजाम देने वाले अपराधी भी इस बात को जानते हैं कि शहर में कहीं भी कोई कैमरा नहीं लगा है जिसका फायदा उठाकर वह अक्सर बड़ी वारदातों को अंजाम देकर आसानी से भागने में सफल हो जाते हैं।