अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासन के द्वार पहुंचे व्यापारी
सोलन माल रोड सहित मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से नाराज शहर के कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल ने व्यापार मंडल अध्यक्ष कुशल जेठी के नेतृत्व में डीसी सोलन से बैठक कर अपना पक्ष रखा। कारोबारियों ने अतिक्रमण के खिलाफ शहर में चलाई मुहिम, जिसमें कुछ दुकानों के बाहर किराये पर चल रहे स्टाल और रेहडिय़ों को हटाने की कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन बेवजह दुकानदारों को तंग किए जाने पर नाराजगी जताई। डीसी सोलन ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए व्यापारियों की बात का सम्मान रखा और सभी दुकानदार जिन्होंने यह आश्वस्त किया कि कोई भी जगह सबलेट कर किसी को आगे नहीं बिठाएगा और कोई भी दुकानदार अपनी सीमा में रहकर ही समान रखेंगे और कोई भी सरकारी जगह पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं करेगा। इस मौके पर राज्य व्यापार मंडल के सदस्य रमेश सिंगला, पंकज वर्मा, विनय शर्मा, सुधीर आहूजा, राजेश मैनी, हरीश सहगल, मुकेश शर्मा, नीरज, राज गुप्ता, मोनू आदि 100 व्यापारी मौजूद रहे। बता दें कि प्रशासन ने सोलन मालरोड को स्वच्छ सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अब प्रशासन ने दुकानों के सामने सबलेटिंग से सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है। प्रदेश के शहरों में दुकानदारों की मनमानी से बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए हाईकोर्ट ने जिलाधीशों को आदेश दे रखे हैं। इसको लेकर सोलन प्रशासन लगातार अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाए हुए है। माल रोड पर दो दिनों तक अतिक्रमण हटाने की मुहिम में पाया कि दुकानदारों ने ही सेटबैक एरिया को सबलेट कर प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर दिया है। इससे दुकानदारों की चांदी होने के साथ सबलेट एरिया में भी अतिक्रमण कर सड़क पर ही दुकानें सजाई जा रही थी।
अधिकतर दुकानदारों ने किया कार्रवाई का समर्थन
प्रशासन की कार्रवाई का अधिकतर दुकानदारों ने समर्थन किया है। मात्र 10 से 15 फीसदी ही हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ शब्दों में कह दिया है कि ड्रेन नाली के बाद भी दुकानदारों को कम से कम तीन फुट अंदर सामान रखना होगा, ताकि राहगीरों को फुटपाथ पर चलने और खरीददारी करने में दिक्कत न हो। साथ ही दुकानों के सामने खाली पड़ी जगह पर सबलेट कर स्टॉल और फड़ी लगाने की भी अनुमति नहीं होगी। मालरोड पर लंबे समय से यह गतिविधियां चल रही थी, जहां सेटबैक एरिया में सब्जी, फल और चाट-पापड़ी की दुकानें सजाई जा रही थीं। अब इस प्रकार की गतिविधियों की पुनरावृत्ति होने पर नियमानुसार 25 हजार रुपए का चालान किया जाएगा।