खनन से अंबेडकर भवन के शौचालयों को खतरा
घुमारवीं में सीर खड्ड के बाएं छोर पर बने अंबेडकर भवन के साथ हो रहे खनन के कारण वहां पर बने शौचालयों के गिरने का खतरा मंडराने लगा है। यही नहीं यदि इस खनन को न रोका गया तो अंबेडकर भवन भी इसकी चपेट में आ सकता है। इसी आशय को लेकर डॉ. भीम राव अंबेडकर भवन एससी समिति घुमारवीं ने एसडीएम घुमारवीं को बाकायदा ज्ञापन सौंप पर शीघ्र न्याय की मांग की है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि समिति ने जिला कल्याण अधिकारी व अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग को भी प्रेषित की है। वहीं, प्रेस को जारी बयान में समिति के महासचिव कश्मीर सिंह ने बताया कि पता चला है कि यह खनन जल शक्ति विभाग द्वारा किया जा रहा है। लेकिन जब इस पर आपत्ति जताई गई तो इस खनन के बारे में कई अधिकारियों को पता नही नहीं था। उन्होंने कहा कि यह खनन अंबेडकर भवन के शौचालय के ठीक नीचे से हो रहा है, जिससे हल्की सी बारिश से यह शौचालय गिर सकते हैं जबकि अंबेडकर भवन के प्रांगण को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। यही नहीं इसी के साथ अंबेडकर भवन को भी खतरा पैदा हो सकता है। इस अवैध कटान से अंबेडकर भवन का प्रांगण सिंकुड़ गया है। इससे आने वाले समय में असुविधा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इस भवन को 30 मई 2023 को सरकार द्वारा एससी समिति घुमारवीं बिलासपुर को देखरेख के लिए सौंपा गया है। समिति ने अपने प्रयासों से इस भवन के जीर्णोद्वार पर काफी धनराशि व्यय कर इसे बैठने व अन्य कार्यक्रमों के योग्य बनाया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के खनन से निकट भविष्य में समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए समय रहते इस खनन को तुरंत बद करवाया जाए तथा शौचालय के नीचे डंगा दिया जाए, ताकि सरकार की संपति को कोई नुकसान न पहुंचे।
प्रशासन लगाए डंगा
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी तथा अल्पसंख्यक वर्ग संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला प्रधान एवं सेवानिवृत्त डीएसपी सीता राम कौंडल तथा महासचिव नंद लाल आचार्य ने भी जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मसले पर उपायुक्त बिलासपुर से हस्तक्षेप कर काम रुकवाने तथा डंगा देने की गुहार लगाई है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रधान मनसा राम, कोषाध्यक्ष बुद्धि सिंह, महासचिव कश्मीर सिंह, राजकुमार, ज्ञाना राम, शेर सिंह, मनमोहन भट्टी, तेग सिंह आदि मौजूद थे।