बिजली महादेव रोपवे का सपना जल्द होगा साकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिजली महादेव रोपवे निर्माण का सपना (ड्रीम प्रोजेक्ट) जल्द ही साकार होने जा रहा है। इस रोपवे के बनने से पर्यटक कुछ मिनटों में ही बिजली महादेव मंदिर पहुंच जाएंगे। रोपवे के बनने से रोजगार और पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे। इस रोपवे पर लगभग 283 करोड़ खर्च होंगे। रोपवे बनाने वाली कंपनी ने अधिकतर औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और कुछ औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। रोपवे निर्माण एजेंसी ने एफसीए क्लीयरेंस लेने के साथ-साथ अब प्रोजेक्ट निर्माण की जद में आने वाले पेड़-पौधों की कीमत सहित अन्य देय राशि भी सरकार के पास जमा करवा दी है। अब फाइनल अप्रूवल मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। रोपवे निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने पेड़-पौधों सहित अन्य देय 5 करोड़ रुपए की राशि जमा करवाई है। पेड़-पौधों की ही कीमत 4 करोड़ 10 लाख 15 हजार रुपए है। इसके अलावा एनपीबी की वेल्यू के धन को भी ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर दी है। लिहाजा, बिजली महादेव रोपवे निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। कंपनी ने कुल्लू में डाला डेरा बिजली महादेव रोपवे का निर्माण करने वाली कंपनी ने कुल्लू में डेरा डाल दिया है। रोपवे निर्माण एजेंसी ने ब्यास नदी के तट मौहल में निर्माण से संबंधित मशीनरी भी पहुंचा दी है। अब कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस रोपवे का बेस मौहल के पास होगा और यहां से बिजली महादेव की पहाड़ी के लिए रोपवे लगेगा।
वर्ष 2000 में बिजली महादेव आए थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बिजली महादेव का दौरा तब किया था, जब वह प्रदेश भाजपा के प्रभारी थे। उन्होंने चार जून, 2000 को बिजली महादेव मंदिर में माथा टेका था। पांच नवंबर, 2017 को वह कुल्लू आए थे। इस दौरान जनसभा में बिजली महादेव रोपवे निर्माण का जिक्र किया था। 283 करोड़ की बिजली महादेव रोपवे परियोजना का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पांच मार्च, 2024 को वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया था। लिहाजा, बिजली महादेव मंदिर के लिए रोपवे बनाने का मोदी का सपना जल्द पूरा होने वाला है।