जीवनरक्षक वैक्सीन रिलीज करने में कसौली सीडीएल अव्वल
सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली ने देश-विदेश में लोगों की जान बचाने की वैक्सीन रिलीज करने में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। पिछले वर्ष यानी जनवरी, से दिसंबर, 2024 तक जीवन रक्षक विभिन्न वैक्सीन के 7300 बैच जारी किए हैं। इसमें हैपेटाइटिस बी, रेबीज, डिप्थीरिया समेत अन्य कई जीवन रक्षक वैक्सीन शामिल है। कोरोना वायरस से बचाने के लिए भी वैक्सीन बैच रिलीज किए हैं। हालांकि, बीसीजी रेबीज, स्नेक बाइट एंटीसीरम, टायफाइड, मलेरिया, हैपेटाइटिस, टेटनस समेत अन्य के बैच सबसे अधिक है। सभी बैच का परीक्षण कार्य सीडीएल कसौली में हुआ है। वैक्सीन की शुद्धता और गुणवत्ता जांचने के बाद कंपनी को बाजार में उतारने के लिए सर्टिफिकेट दिया। 2024 में बीसीजी, बीओपीवी, डिप्थीरिया एंटॉक्सिन, डीटीपी, डीटीपी+ एचईपीबी +एचआईबी, ह्यूमन पेपीलोमा वैक्सीन, हर्पिज जूस्टर वैक्सीन, आईपीवी, रोटा वायरस, टीडी वैक्सीन, वरिसिल्ला वैक्सीन, येलो फीवर वैक्सीन, इंफ्लूएंजा वैक्सीन, मिजल्स वैक्सीन, मिजल्स और रुबेला, मिजल्स-मूमप्स-रुबेला, मेनिगोकोकल वैक्सीन, एनओपीवी, ओएनसीओ-बीसीजी, पेन्यूमोकोकल वैक्सीन समेत अन्य वैक्सीन के हजारों बैच जारी किए हैं।
कोरोनाकाल में हुआ सराहनीय कार्य
कोरोनाकाल के दौरान सीडीएल कसौली ने लोगों को बचाने के लिए तेजी से वैक्सीन का परीक्षण किया था। इस दौरान दिन व रात लैब में कोविशिल्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक समेत कई वैक्सीन का परीक्षण किया था। यहीं नहीं सीडीएल कसौली से जांच के बाद लोगों को लगाई गई थी।
मानकों से कोई समझौता नहीं
सीडीएल कसौली में वर्ष 2024 में वैक्सीन के आठ सैंपल फेल हुए थे। इनमें टीटी वैक्सीन के चार, रेबीज एंटीसीरम का एक और रेबीज वैक्सीन के तीन सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इससे यह संदेश दिया गया कि प्रयोगशाला में नियमों के अनुसार ही कार्य हो रहा है, ताकि लोगों को बेहतर वैक्सीन ही उपलब्ध हो सके।