जयराम के अडिय़ल रवैये से बैठक में नहीं आए भाजपा विधायक: सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधायक प्राथमिकता बैठकों के दूसरे दिन के पहले सत्र में शिमला और मंडी जिले के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा के 50 फीसदी विधायकों ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि वे (विधायक प्राथमिकता बैठक के लिए) आना चाहते हैं और उन्होंने जयराम ठाकुर से भी कहा कि उन्हें आना चाहिए, अधिकारियों के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। मुझे लगता है कि जयराम ठाकुर के अडिय़ल रवैये के कारण विधायकों ने बैठक का बहिष्कार किया और शामिल नहीं हुए। वे अब अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दे नहीं उठा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि विधायक भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सुझाव दें, ताकि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। विधायकों के सुझावों को बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों को जनता चुनकर भेजती है, इसलिए वह जन समस्याओं से वाकिफ होते हैं। सुक्खू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्तमान राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। पिछले दो साल में इन दोनों क्षेत्रों में सुधार के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं और आने वाले समय में और बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए पूर्व सरकार ने नए संस्थान खोलने पर जोर दिया, लेकिन संस्थानों में सुविधाएं जुटाने और उन्हें मजबूत बनाने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण आज सुविधाओं का स्तर गिरा है। गगरेट में बांस आधारित उद्योग स्थापित करने की संभावनाएं तलाशें सुक्खू ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रयास कर रही है। खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि रोहड़ू-चिडग़ांव सड़क की हालत में सुधार किया जाएगा। कुरपन पेयजल योजना को शुरू करने के लिए धन उपलब्ध करवाया जाएगा। जल शक्ति विभाग को इस योजना को 30 अप्रैल 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि और वन विभाग को गगरेट में बांस आधारित उद्योग स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।