हिमाचल में दो साल में 1376 किलोमीटर सड़कों और 116 पुलों का हुआ निर्माण
प्रदेश सरकार अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़क और पुल निर्माण के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है। पिछले दो साल में राज्य में 1,376 किलोमीटर सड़कों और 119 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज का निर्माण पूरा किया है। इसके साथ ही 1,741 किलोमीटर सड़कों की टारिंग कर उन्हें दुरुस्त किया गया है। इन विकास कार्यों से प्रदेश के लोगों को न केवल सुगम यातायात की सुविधा मिली है, बल्कि अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच भी आसान हुई है। यह जानकारी रविवार को सरकारी प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में अधोसंरचना के विस्तार के तहत 116 नए पुलों का निर्माण किया है। इससे उन ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है, जहां बरसात और अन्य मौसम संबंधी समस्याओं के कारण आवागमन बाधित होता था। इसके अलावा, 61 गांवों को सड़क नेटवर्क से जोडऩे का काम पूरा किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक समृद्धि को बल मिल रहा है।
शमला को मिलेगी सुरंग की सौगात
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार की कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता राजधानी शिमला में भी दिखाई दे रही है। सरकार की महत्वाकांक्षी 890 मीटर लंबी डबललेन सुरंग परियोजना विकास की नई इबारत लिखने जा रही है। अत्याधुनिक तकनीक से बनाई जा रही यह सुरंग नवबहार से सर्कुलर रोड तक यातायात को सुगम बनाएगी और शहर में ट्रैफिक दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 295 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें से 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया जा चुका है।
अर्थव्यवस्था हुई मजबूत पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान
प्र्वक्ता ने कहा कि राज्य सरकार के ये प्रयास लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और भौगोलिक दूरियों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि रोजगार और समृद्धि के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार अधोसंरचना विकास के जरिए राज्य को नए विकास पथ पर अग्रसर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।