सुक्खू के बजट में अनदेखी से डिपो धारक निराश
हिमाचल डिपो संचालक समिति ने आरोप लगाया है कि बजट में पीडीएस डिपो धारकों की सरकार ने पूरी तरह से नजरांदाजी की है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि हालांकि कांग्रेस पार्टी ने आम विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रदेश के डिपो धारकों को 20 हजार मासिक वेतन व वन टाइम लाइसेंस की व्यवस्था करने का वादा किया था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बने लगभग ढाई वर्ष होने को हैं, इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अभी तक प्रदेश के डिपो धारकों के साथ किए वादे को पूरा नहीं किया है। अशोक ने कहा कि प्रदेश के डिपो धारकों को सरकार के इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने इस बजट में भी हमारी अनदेखी की। कवि ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनावों के दौरान हमारे साथ वादा करके हमें इस्तेमाल किया, लेकिन अब प्रदेश के डिपो धारकों को इस तरह दरकिनार किया, जैसे सरकार प्रदेश के डिपो धारकों को न तो हिमाचली मानती है, न ही हिमाचल के मतदाता। प्रदेश सरकार द्वारा डिपो धारकों की अनदेखी तो की ही, साथ में प्रदेश सरकार द्वारा लंबे अरसे से प्रदेश के राशन कार्ड धारकों को अनुदान पर मिलने वाली दालों, खाद्य तेल व चीनी के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। इससे लगता है कि सरकार इन खाद्य पदार्थों को भी बंद करने जा रही है। कवि ने कहा कि अब तो सरकार ने बीपीएल चयन की प्रक्रिया भी बदल दी जिससे बीपीएल परिवारों की संख्या कम होने से डिपो धारकों को कमीशन का भी नुकसान उठाना पड़ेगा। कवि ने कहा कि डिपो धारकों को वेतन देना तो दूर की बात है, सरकार की इस सोच से तो डिपो धारकों को कमीशन के भी लाले पड़ जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने डिपो धारकों की मांगों पर शीघ्र फैसला नहीं लिया तो प्रदेश के डिपो संचालक प्रदेश भर में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।