निरंतर प्रयास और परिश्रम ही सफलता की कुंजी: जितेंद्र
एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर अधिकारी बने जितेंद्र चंदेल का मिनर्वा स्कूल घुमारवीं पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें पलकों पर बिठाया और उनकी सफलता पर बधाई दी। ये पल खुशियों भरा था, प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बन क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले घुमाणी के जितेंद्र चंदेल मिनर्वा स्कूल घुमारवीं पहुंचे। उनके साथ उनकी माता भी मौजूद थीं। जितेंद्र ने इस सम्मान के लिए मिनर्वा परिवार का आभार प्रकट किया। जितेंद्र ने कहा कि उन्होंने अपनी जमा एक और जमा दो की पढ़ाई मिनर्वा संस्थान से पूरी की थी। सादे समारोह में बच्चों को संबोधित करते हुए जितेंद्र ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना और परिश्रम करना सफलता की कुंजी है। जब हम अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं और उनकी प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते हैं, तो हमें सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि याद रखें, सफलता एक रात में नहीं मिलती, लेकिन निरंतर प्रयास और परिश्रम से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही मेधावी छात्र नहीं थे, लेकिन उन्होंने स्मार्ट लर्निंग तकनीकों और निरंतर अभ्यास के माध्यम से सफलता प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक और रणनीतिक ढंग से अध्ययन करने की सलाह दी। इससे पहले प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने उन्हें स्मृति चिन्ह और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। प्रवेश चंदेल ने कहा कि जितेंद्र चंदेल की उपलब्धि न केवल व्यक्ति के परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे विद्यालय और समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त करता है, तो वह न केवल अपने परिवार को गर्व से भर देता है, बल्कि वह अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित करता है।