अर्की कॉलेज में ठेकेदार व कार्यवाहक प्रिंसिपल की मिलीभगत से पौने 12 लाख रुपए का गबन
सोलन जिले के तहत राजकीय महाविद्यालय अर्की को उत्कृष्ट महाविद्यालय बनाने के लिए स्वीकृत एक करोड़ की राशि के नाम पर ठेकेदार और कार्यवाहक प्रिंसिपल ने मिलीभगत कर पौने 12 लाख का गबन कर दिया। शिकायत के बाद पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया है। डिग्री कॉलेज अर्की की प्राचार्य सुनीता ने पुलिस थाना अर्की में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 2021-22 में राजकीय महाविद्यालय अर्की को उत्कृष्ट कॉलेज बनाया गया था, जिसके लिए सरकार ने 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार, 1 करोड़ रुपए की राशि में से 8,81,950 रुपए की धनराशि को बास्केटबाल कोर्ट बनाने पर और 3,00,000 रुपए की धनराशि ओपन एयर जिम बनाने के लिए खर्च दर्शाई गई थी। 11,81,950 रुपए ठेकेदार नंदन कॉन्ट्रैक्टर्स सप्लायर मंडी को 19 मार्च, 2022 को अर्की ट्रेजरी के माध्यम से बिल पास होने पर उसके खाता के माध्यम से भुगतान की गई थी, लेकिन आज तक न तो अर्की कालेज कैंपस में बास्केटबाल कोर्ट बना व न ही ओपन एयर जिम बना है। 11,81,950 रुपए को कॉलेज कमेटी के मेंबर डॉ. जगदीश, कार्यवाहक प्रिंसिपल चमन लाल और ठेकेदार नंदन ने मिलीभगत कर जाली दस्तावेज तैयार कर यह गबन किया है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि अभियोग पंजीकृत होने के बाद 9 अभियुक्तों ने न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दी। अभियोग के अन्वेषण के दौरान अर्की पुलिस ने 30 मार्च को आरोपी ठेकेदार नीतीश शर्मा उर्फ नंनद, जिला मंडी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की पुलिस कस्टडी में लिया गया है। आगे की जांच जारी है।