बिलासपुर पुलिस के पास नहीं एल्कोहल सेंसर, शराबी चालकों पर कार्रवाई ठप, पुलिस ने 10 नए सेंसरों की रखी डिमांड
हिमाचल प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला बिलासपुर, जो किरतपुर-मनाली नेशनल हाईवे से जुड़ा हुआ है, हर दिन सैकड़ों वाहनों की आवाजाही का गवाह बनता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस व्यस्त हाईवे पर गश्त करने वाली पुलिस के पास शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकडऩे का कोई साधन ही नहीं बचा है? जी हां, बिलासपुर पुलिस के पास इस समय एक भी एल्कोहल सेंसर उपलब्ध नहीं है, जिससे शराबी चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर पुलिस के पास पहले कुल 16 एल्कोहल सेंसर थे, जिनमें से 11 पूरी तरह खराब हो चुके हैं, जबकि बाकी बचे 5 सेंसरों को अपडेट के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। अब पुलिस के पास शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच करने का कोई साधन नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एल्कोहल सेंसर की उम्र औसतन पांच साल होती है और बिलासपुर पुलिस के पास उपलब्ध सेंसर अब अपनी कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके हैं। ऐसे में पुलिस को नए उपकरणों की सख्त जरूरत है ताकि ट्रैफिक नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। आपको बता दें कि बिलासपुर पुलिस के पास शराबियों की पहचान करने के लिए जरूरी उपकरण न होने की वजह से सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। यह स्थिति खासतौर पर तब चिंताजनक हो जाती है जब रात के समय हाईवे पर शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले बेखौफ घूम रहे हों। बिलासपुर में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, और इसमें सबसे बड़ा योगदान नशे में गाड़ी चलाने वालों का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को जल्द से जल्द नए सेंसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई हो सके। विभागीय जानकारी के अनुसार बिलासपुर पुलिस ने इस समस्या को लेकर निदेशालय को पत्र लिखा है और 10 नए एल्कोहल सेंसर की मांग की है। इसके साथ ही, 5 सेंसरों को अपडेट के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है।