दो साल से बंद पड़ी कूहल की जब विभाग ने नहीं ली सुध तो लोग खुद बहाल करने में जुटे
रोजाना बातें लाखों-करोड़ों रुपए सुविधाओं पर खर्च करने की हो रही हैं, परंतु 2 साल से बिना सिंचाई के खेत बंजर हो रहे हैं। यह हालत बैजनाथ नगर पंचायत के वार्ड चार और पांच की है। कूहल की इस दुर्दशा को लेकर मंगलवार को बैजनाथ नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 तथा 5 के ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनकी खेतीबाड़ी के लिए सिंचाई का मुख्य स्रोत लोअर कूहल ही है, परंतु यह कूहल भी पिछले दो सालों से बंद पड़ी हुई है, जिसकी वजह से उन्हें अपने खेतों की बिजाई के लिए केवल मात्र बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इस बार सही समय पर बारिश न होने की वजह से उनके खेत बंजर पड़े हुए हैं। ग्रामीणों को कहना है कि इससे पहले भी वे विभाग से अनुरोध कर चुके हैं कि किसी तरह इस कूहल की गंदगी की सफाई करके इसमें पानी चलाया जाए, ताकि बंजर हो रही उनकी जमीनों का बचाव हो पाए। परंतु आज तक उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो पाई। उन्हें मजबूर होकर सिंचाई कूहल को बहाल करने के लिए इस गंदगी में उतरना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कूहल में अगर सुचारू रूप से पानी नहीं चलाया गया तो वे अपने जमीनों के कागजात तहसील ऑफिस बैजनाथ में जमा करवा देंगे जिसके लिए सरकार तथा विभाग जिम्मेदार होगा। इस मौके पर अजय कुमार मिलाप चंद ओंकार चंद प्रदीप कुमार, प्रदीप कुमार, हरनाम सिंह, हरबंस लाल, निशांत कुमार, ओम प्रकाश, सुरेश कुमार, प्रकाश चंद, अजीत कुमार, काकाराम, योगराज, मान चंद, सोहन सिंह, जोगीराम, जिंदूराम, बृज लाल, राजकुमार, मदन लाल, मागो राम, केहर सिंह व पिंटू कुमार आदि भी उपस्थित रहे।
विभाग के अधिकारी बोले- जेसीबी भेजी
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश शर्मा का कहना है कि ग्रामीण इस समस्या को लेकर उनसे मिले थे। आज उन्होंने जेसीबी लगाकर कूहल की बढिय़ा तरीके से सफाई करवा दी है तथा भविष्य में भी इस तरह के सफाई होती रहेगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि कूहल में कूड़ा तथा प्लास्टिक न फेंके, जिससे कि किसान भाइयों को परेशानी का सामना करना पड़े।