राजेंद्र मल्होत्रा कोइंसाफ दिलाने को लोगों ने निकाला कैंडल माच
बनीखेत के एक निजी होटल में हुए हत्याकांड में मारे गए राजेंद्र मल्होत्रा को इंसाफ दिलाने को लेकर बुधवार को शिव शक्ति युद्ध क्लब डलहौजी, होटल एसोसिएशन डलहौजी, व्यापार मंडल डलहौजी तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च डलहौजी गांधी चौक से होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा। कैंडल मार्च के शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का उच्चारण किया गया। तत्पश्चात राजेंद्र मल्होत्रा की आत्मा की शांति के लिए बड़ी ही सादगी से मार्च पास गरम सड़क होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा, जहां सभी लोगों ने 1 मिनट का मौन रखा। सुभाष चौक में मरहूम राजेंद्र मल्होत्रा के बच्चों ने अपने पिता के की मौत के लिए इंसाफ की मांग करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। आयोजन में डलहौजी के पूर्व अध्यक्ष मनोज चड्ढा ने बताया कि होटल एसोसिएशन डलहौजी राजेंद्र मल्होत्रा के परिवार के लिए आर्थिक रूप से भी मदद कर रहा है तो वहीं उन्होंने पुलिस प्रशासन सीआईडी तथा स्थानीय प्रशासन से भी इस मामले को लेकर सहयोग की कामना की। इस आयोजन में आए हुए व्यापार मंडल के प्रधान राकेश चोभीयाल ने हत्याकांड के शिकार राजेंद्र मल्होत्रा के परिवार से सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि जब तक पीडि़त परिवारों को इंसाफ नहीं मिल जाता तब तक समस्त क्षेत्र के व्यापारी भाई कंधे से कंधा मिलाकर इन दोनों परिवारों के साथ खड़े हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शरीर ने भी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष इस सारे मामले की सीबीआई जांच की मांग तथा दोनों परिवारों को आर्थिक रूप से मदद की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ऐसे हो रहे गुनाहों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और अगर इस पर कोई उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आम आदमी पार्टी आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। वहीं, ग्राम पंचायत बगढार में भी राजेंद्र मल्होत्रा को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें स्थानीय लोगों के अलावा क्षेत्र की आसपास की पंचायत के पंचायत प्रतिनिधि तथा सीपी कल्याण सभा चंबा के सदस्य, सनातन धर्म रक्षा मंच के सदस्य, स्थानीय व्यापार मंडल के लोग मौजूद रहे। यह कैंडल मार्च बड़े ही शांतिपूर्ण ढंग से राजेंद्र मल्होत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए निकाला गया। मृतक की आत्मा की शांति के लिए 1 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।