युक्तिकरण प्रक्रिया तुरंत हो बंद : यूनियन
बिजली बोर्ड इंप्लाइज, इंजीनियर्स व पेंशनर्स की संयुक्त बैठक बिजली विश्रामगृह अणू में संपन्न हुई, जिसमें बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा, गेज्यूट इंजीनियर के अध्यक्ष दीपक चौहान, डिप्लोमा इंजीनियर्स से सुनील कुमार, बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा, बिजली बोर्ड पेंशनर्स वेलफेयर एसोशिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप सिंह ढटवालिया के अलावा उपरोक्त सभी संगठनों के जिला व यूनिटों के प्रधान, सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बिजली बोर्ड लिमिटिड में युक्तिकरण के नाम पर समाप्त किए जा रहे विभिन्न श्रेणियों के पदों का पुरजोर विरोध किया गया और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से युक्तिकरण प्रक्रिया को तुरंत बंद करने का और हजारों रिक्त पड़े पदों को नई भर्ती प्रक्रिया माध्यम से भरने की मांग की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि युक्तिकरण प्रक्रिया जहां बिजली बोर्ड लिमिटेड की कार्यप्रणाली को तहस-नहस करेगी, वहीं पदोन्नति के अवसर पर बुरी तरह से प्रभावित होंगे। सभी प्रतिनिधियों ने बिजली बोर्ड लिमिटेड की संपत्तियों को हस्तातंरण न करने व सन् 2010 में बिजली बोर्ड इंप्लाइज व इंजीनियर्स के ज्वाइंट फ्रंट व हिमाचल सरकार व बोर्ड प्रबंधन के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का सम्मान करने का आग्रह किया। बिजली बोर्ड लिमिटिड में चल रही स्मार्ट मीटरिंग को बिजली बोर्ड व उपभोक्ता विरोधी बताते हुए तुरंत बंद करने की मांग की गई और पिछले लगभग 2 वर्षों से कर्मचारियों व पेंशनरों के लंबित पड़े वित्तिय लाभों को अतिशीघ्र जारी करने की मांग की गई और बिजली बोर्ड लिमिटिड में अतिशीघ्र पुरानी पैंशन बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की गुहार लगाई है। बैठक में आम सहमति के साथ प्रदेश स्तर पर गठित की गई संयुक्त संघर्ष समिति के फैसले के अनुसार युक्तिकरण के विरोध में पेंशनर्स व कर्मचारियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के पक्ष में प्रदेश स्तर पर शुरू किए जा रहे महापंचायतों के आयोजन के अभियान की शुरूआत जिला हमीरपुर से करने का समर्थन किया गया और निर्णय लिया गया कि प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा हमीरपुर में महापंचायत करने का जो भी दिन तय किया जाएगा, उस दिन सफल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जिला स्तर पर संयुक्त संघर्ष समिति का गठन भी किया गया।