सोलन में पीलिया के मामले सामने आने पर अलर्ट हुआ जलशक्ति विभाग
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पीलिया के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग ने जल शक्ति विभाग को भी सतर्क कर दिया है। एहतियात के तौर पर फिलहाल अश्विनी खड्ड के साथ दो अन्य योजनाओं पाटी कोलियां व सपरून को बंद कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सोलन शहर के चंबाघाट और कथेड़ में पीलिया और डायरिया के रोगी सामने आए हैं। शहर में इस समय करीब 25 ऐसे मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने जल शक्ति विभाग को इन क्षेत्रों को पानी की सप्लाई करने वाली योजनाओं को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गिरि और अश्वनी खड्ड पेयजल योजनाओं के अलग- अलग जगहों से पानी के सैंपल लेकर लैब को भेजे गए हैं।
योजनाओं को किया जा रहा सेनिटाइज
जल शक्ति विभाग सोलन के एसडीओ ऐन सिंह ठाकुर के मुताबिक पिछले दिनों पेयजल योजना का निरीक्षण किया गया है। पानी दूषित होने जैसी बात नहीं है, लेकिन फिर भी सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि जिस क्षेत्र में ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं। वहां लोग पानी उबालकर पिएं। अश्वनी खड्ड पेयजल योजना को एहतियात के तौर पर बंद किया गया है। पेयजल योजना की पूरी तरह से साफ-सफाई कर सेनिटाइज किया गया है। ऐसा ही दूसरी योजनाओं में भी किया जा रहा है।
नगर निगम ने जारी की एडवाइजरी
नगर निगम ने पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को पानी को उबालकर या फिल्टर कर पीने की सलाह दी गई है, ताकि पीलिया व अन्य किसी भी जल जनित बीमारी से बचा जा सके। अज्ञात स्रोत से उपलब्ध पानी को न पीएं। खाना बनाने या खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं, अपने वाटर स्टोरेज टैंक को नियमित तौर पर साफ करवाएं, घर से सही तरीके से गारबेज व पानी की निकासी करें। निगम के किसी भी एरिया में पानी के दूषित होने या लीकेज के संबंध में निगम को सूचित करें, अपने परिवार व सोसायटी में स्वच्छ जल के प्रति लोगों को जागरूक करें।
नगर निगम और जलशक्ति विभाग की बढ़ी चिंता
अचानक पीलिया के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सहित नगर निगम और जल शक्ति की चिंता बढ़ा दी है। जनवरी 2016 में भी सोलन शहर में पीलिया फैलाथा। उसे समय करीब 600 लोगों को पीलिया ने अपनी चपेट में ले लिया था। उस समय अश्विनी खड्ड पेयजल योजना से दूषित पानी आने से यह पीलिया फैला था, तब लंबे समय तक योजना को बंद करना पड़ा था। अभी ऐसी स्थिति पैदा न हो इसे लेकर शुरुआत में ही एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। जल शक्ति विभाग के एसई और एक्सईएन समेत टीम ने पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। अस्पताल में कथेड़, बावरा, चंबाघाट, बसाल, कोटलानाला, कलीन और आनंद विहार से पीलिया की शिकायत वाले रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। नगर निगम की तरफ से जनवरी महीने के शुरू में अश्विन और गिरि पेयजल योजना से मिल रहे पानी के सैंपल जांच को पुणे लैब भेजे थे, तब यह सही पाए गए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में पीलिया की दस्तक किस कारण से हुई है, ऐसा भी माना जा रहा है कि कुछ मरीज बाहर से भी यहां आए हैं।