सनातन से कोई बड़ा धर्म नहीं और धर्म की टीम को हराकर बनी सिरमौर से बड़ा कोई सत्य नहीं: आचार्य शिवकुमार
महालक्ष्मी इंडस्ट्री अंबेहड़ा रामकिशन की नगरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन चिंतपूर्णी क्षेत्र के भाजपा के पूर्व विधायक बलबीर सिंह चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष शाम मिन्हास, चिंतपूर्णी मंडल अध्यक्ष विनय शर्मा एंव पूर्व मंडल अध्यक्ष रविंद्र द्विवेदी ने कथा का श्रवण किया। वहीं, कथा व्यास आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि भगवान इंद्र जब प्रकोप में थे, तब उन्होंने वर्षा करके कहर बरपाया। चारों ओर हाहाकार मच गया। गांव जलमग्न होने लगे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अंगुली पर उठा लिया। इससे गांव के सभी लोग गोवर्धन पर्वत के नीचे आ गए और वहां शरण ली। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का मन नष्ट करके गिर्राज पूजा करवाई थी। तब सभी बृजवासियों ने गोवर्धन पहुंचकर गोवर्धन पर्वत का पूजन किया और 56 भोग लगाया। उन्होंने कहा कि आज भी वृंदावन में बांके बिहारी को दिन में आठ बार भोग लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन से कोई बड़ा धर्म नहीं और धर्म से बड़ा कोई सत्य नहीं है। मन से नमन और मन से मनन करेंगे तो जिंदगी की सारी समस्याओं का हनन हो जाएगा। आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने पांचवें दिवस कथा में गोवर्धन पूजा छप्पन भोग प्रसाद का वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से 56 प्रकार के भोजन बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाए। कथा में पूतना उद्धार एवं बकासुर वध का वृतांत सुनाते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो जीव भगवान के सामने आ जाए, उसका भगवान उद्धार कर देते हैं, चाहे वह मनुष्य हो या रक्षक, कालिया नाग की कथा के माध्यम से बताएं कि नदियों को साफ रखो, मां नर्मदा में स्नान करने जाएं तो सफाई करें और गंदगी करने से लोगों को रोकें, वह जगत जननी मां है। ग्वालों और गोपियों ने कई वर्षों तक तप किया था, तब भगवान ने उनके बीच अवतार लेकर उनको आनंद प्रदान किया। शास्त्री ने बताया कि इस दौरान भगवान गोवर्धन का पूजन भी किया गया। ये रहे उपस्थित : कथा में मुख्य यजमान सुरेश कुमार एवं राजरानी, महालक्ष्मी इंडस्ट्री अंबेहडा के उद्योगपति एवं समाजसेवी योगराज जोगी, सुषमा कुमारी, श्वेता शर्मा, हनी शर्मा, दिनेश कुमार, तिलकराज शर्मा, रिटायर्ड अध्यापक रणधीर सिंह ठाकुर, नेता जनक राज शर्मा, राधेश्याम, पंडित रमेश शास्त्री, सुरेश कुमार, जरनैल सहित कई लोगों ने पहुंचकर व्यास पीठ में माथा टेककर पूजन कर महाराज का आशीर्वाद लिया।