शहरी क्षेत्रों में अब ड्रोन की मदद से बनेंगे डिजिटल नक्शे: डीसी
'नक्शा' परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों के डिजिटल नक्शे बनाए जाएंगे। कांगड़ा जिले में सर्वप्रथम पालमपुर नगर निगम में शहरी भूमि रिकॉर्ड का आधुनिकीकरण का कार्य आरंभ होगा, सर्वेक्षण के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मंगलवार को एनआईसी के सभागार में पालमपुर तथा धर्मशाला के पार्षदों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि शहरी भूमि रिकॉड्र्स के निर्माण की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो नागरिकों के संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यह पहल संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने और भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य शहरी भूमि रिकार्ड्स के लिये एक सटीक और व्यापक भू-स्थानिक डाटाबेस तैयार करना है। यह कार्यक्रम हवाई और जमीनी सर्वेक्षणों को उन्नत जीआईएस तकनीक के साथ जुड़कर भूमि प्रशासन को बेहतर बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य शहरी भूमि रिकॉड्र्स के निर्माण और प्रबंधन में क्रांति लाना है। इस अवसर पर एडीएम डा हरीश गज्जू, जिला राजस्व अधिकारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी तथा धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम के पार्षद भी उपस्थित थे। भूमि डाटा विश्लेषण में मिलेगी सहायता डीसी ने कहा कि नक्शा कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शहरी क्षेत्रों के लिए भूस्थानिक मैपिंग करना, आधुनिक भूमि सर्वेक्षण तकनीकों का प्रयोग करना है। इससे अदालती मामलों, कानूनी दस्तावेजीकरण और ऐतिहासिक भूमि डाटा विश्लेषण में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्शा कार्यक्रम के तहत बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी विस्तार में न्यूनतम देरी होगी, परिवहन योजना आवासीय परियोजनाओं और सतत् शहरी विकास में सहायता मिलेगी। आपदा प्रबंधन योजना को अधिक प्रभावी बनाएगा और सुलभ डिजिटल प्रणाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगायेगी और शहरी भूमि प्रबंधन में जनता का विश्वास बढ़ेगा।