हमीरपुर की ताल कृषि सहकारी सभा में दो करोड़ का घोटाला
हमीरपुर जिले की ताल स्थित कृषि सहकारी सभा में लोगों की एफडीआर में तकरीबन दो करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब लोगों में हड़कंप मच गया है। इस गड़बड़झाले का खुलासा वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है, जबकि ऐसा पिछले काफी समय से हो रहा था। पहले के ऑडिट में यह अनियमितताएं क्यों नहीं निकलीं? इस पर भी ऑडिट करने वालों पर संदेह की सुई खड़ी हुई है। सहकारिता विभाग की एआर बीना भाटिया ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा हुआ है। घोटाले की जांच करवाई जाएगी। करीब दो करोड़ के आसपास का गड़बड़झाला निकला है। सभा की प्रबंध समिति को एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सभा के सचिव अजय पटियाल ने इस गड़बड़झाले से अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अभी ऑडिट पूरा नहीं हुआ है। ऐसा उनकी जानकारी में नहीं है। वहीं, प्रबंध समिति के अध्यक्ष उत्तम कटोच ने बताया कि जैसे ही पता चला है तो सचिव से साफ कह दिया है कि जो कैश शॉर्ट है, उसे जमा किया जाए। उन्होंने 80 फीसदी की रिकवरी होने का दावा किया। 1200 शेयर होल्डर हैं। इनमें डिपॉजिट और विड्राल ठीक है। जिनका पैसा जमा है, उन्हें मिलान के लिए बुलाया गया था। पंचायत के प्रधान विनोद मिश्रा का कहना है कि इस गड़बड़झाले की जांच होनी चाहिए और जिन्होंने ऐसा किया उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, 31 तक का फिर से अप-टू-डेट ऑडिट होगा।
रातों-रात कुछ पैसा भी जमा करवाया
फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद के नाम पर करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला हुआ है। खास बात यह है कि जैसे ही यहां ऑडिट शुरू हुआ और घोटाले का खुलासा ऑडिट टीम करने लगी, तो रातों रात कुछ पैसा जमा भी किया गया है।
अभी तक 35 से 40 लाख की रिकवर
सूत्रों के मुताबिक, अभी तक 35 से 40 लाख की रिकवरी भी हो गई है। अब पैसा जमा करवाने वालों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि करीब दो करोड़ के आसपास का फिक्स डिपॉजिट यदि गड़बड़झाले की भेंट चढ़ जाए, तो फिर इलाके की इस सभा पर विश्वास कौन करेगा? जिले में ही नहीं प्रदेश की कई सहकारी सभाएं गड़बड़झाले की गिरफ्त में हैं। हमीरपुर जिले में ढाई दर्जन से ज्यादा सहकारी सभा में घोटाले हो चुके हैं। कई मामले पेंडिंग चल रहे हैं। कई ऐसी सभाएं राजनीति के हस्तक्षेप के कारण रिकवरी को लेकर अधर में फंसी हुई हैं