कांग्रेस नेता चाहते ही नहीं थे कि बिलासपुर में बने एम्स
कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर लगाए गए आरोपों को लेकर पार्टी के विधायकों ने आक्रामक ढंग से पलटवार किया है।
रणधीर शर्मा त्रिलोक जम्वाल
नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा और सदर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने एम्स के शिलान्यास को रेत-बजरी के पूजन की नौटंकी करार दिया था, जबकि पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने इसके उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी को काले झंडे दिखाने की अनुमति मांगी थी। जाहिर है कि कांग्रेस के नेता चाहते ही नहीं थे कि बिलासपुर में एम्स बने। बेहद कम समय में एम्स की सफलता को वे लोग पचा नहीं पा रहे हैं। उनकी बयानबाजी से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के बावजूद उन्हें पूछा तक नहीं जा रहा है। यही वजह रही कि आपस में छत्तीस का आंकड़ा रखने वाले इन नेताओं को हाथ मिलाने का दिखावा करने पर मजबूर होना पड़ा है। रणधीर शर्मा और त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि नड्डा जब भी बिलासपुर आते हैं तो वह अपने गृह जिला को हमेशा कोई न कोई बड़ी सौगात देकर जाते हैं। कोठीपुरा में रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुए एम्स का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी, जेपी नड्डा और सांसद अनुराग ठाकुर को जाता है। कांग्रेस का इसमें कोई योगदान नहीं है। वीरभद्र सरकार के समय तो केवल इसमें अड़ंगे अटकाने का काम किया गया। दो दिन पहले बिलासपुर आए नड्डा ने जहां लगभग 25 करोड़ की लागत से स्थापित पैट सीटी व स्पैक्ट सीटी स्कैनर का शुभारंभ किया, वहीं 30 करोड़ से रीजनल वीआरडीएल, 13.57 करोड़ से विश्राम सदन, देश की 225वीं अमृत फार्मेसी तथा 4.90 करोड़ से बनने वाले इंडोर स्टेडियम का शिलान्यास भी किया। इन सुविधाओं से बिलासपुर व हिमाचल के अन्य जिलों के साथ ही पड़ोसी राज्यों के लोग भी लाभांवित होंगे। बिलासपुर में एम्स के तेजी से हो रहे विकास व विस्तार से कांग्रेस नेता बौखला गए हैं। बौखलाहट में आधारहीन बयानबाजी करके वे जनता के बीच हंसी के पात्र बन रहे हैं।