नगर निगम में विकास ठप, काम के लिए नहीं मिला बजट, 10 करोड़ की है देनदारी, हर वर्ष वित्तीय वर्ष 31 मार्च को
समाप्त होता है और पहली अप्रैल को नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाता है। नए वित्तीय वर्ष में नई योजनाओं और विकास कार्य करवाने के लिए बजट जारी किया जाता है, लेकिन नगर निगम हमीरपुर में पिछले दो माह से सभी नए कार्य करने पर रोक लगा दी गई है। इसका मुख्य कारण है कि अक्तूबर माह के बाद कोई भी बजट नगर निगम को नहीं आया है, ऐसे में बजट का प्रावधान न होने के चलते सभी कार्य पिछले डेढ़ माह से बंद कर दिए हैं। यही नहीं पुराने विकास कार्यों की पेमेंट भी नहीं हुई है, ऐसे में नगर निगम में सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं। इसमें वार्ड नंबर 10 में बन रहे पार्क का अभी तक लेबलिंग का कार्य हुआ है, उसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके अलावा नई सड़क या अन्य कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। बता दें कि नगर निगम हमीरपुर को विकास कार्यों की लगभग 5 से 6 करोड़ रुपए की देनदारी हो गई है। ठेकेदार नगर निगम में अपनी पेमेंट लेने तो आ रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने कार्य की पेमेंट नहीं मिल रही है, ऐसे में नए कार्य करना और भी मुश्किल हो गया है। बताया जा रहा है कि नगर परिषद द्वारा जो कार्य आवंटित किए थे, केवल उन्हीं कार्य को पूरा करवाया गया है। नगर निगम की अधिसूचना जारी होने के बाद कोई भी नया टेंडर नहीं हुआ है। नगर निगम प्रशासन ने ठेकेदारों को जनवरी माह से किसी भी विकास कार्य को करने के लिए मना कर दिया था। जो विकास पूरे नहीं हुएथे, उन कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है। मार्च माह भी समाप्त हो गया है, लेकिन ठेकेदारों को पेमेंट मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
नया बजट मिलने पर ही शुरू होंगे कार्य : आयुक्त
इस बारे में नगर निगम के आयुक्त राहुल चौहान ने बताया कि नगर निगम पर लगभग 6 करोड़ रुपए की देनदारी है। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया था कि जो भी विकास कार्य चले हुए हैं, उन्हें बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास कोई बजट नहीं है और न ही कोई बजट अप्रूव हुआ है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले 87 लाख रुपए आए थे जो कि कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो गया है, अब नया बजट आने के बाद ही विकास कार्य शुरू हो पाएंगे।