रेलवे लाइन के आसपास की झाडिय़ां बनीं नशे का अड्डा
युवाओं में बढ़ती नशावृत्ति समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। पुलिस चौकी सपरून के तहत कालका-शिमला रेलवे लाइन के आसपास की झाडिय़ां नशे का अड्डा बन गई हैं। पुलिस की गश्त के बावजूद नशेड़ी झाडिय़ों की आड़ में नशे की गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं। नशेड़ी झाडिय़ों की आड़ में दिनभर पड़े रहते हैं। इसका अंदाजा रेलवे लाइन के आसपास की झाडिय़ों में पड़े नशीली दवाइयों के रैपर से लगाया जा सकता है। इससे रेलवे लाइन के आसपास की कॉलोनियों के निवासियों को नशेडिय़ों की हरकतों का सामना करना पड़ता है। नशेड़ी रास्तों से गुजरती महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं, ऐसे में इस वर्ग को असुरक्षित माहौल में कार्य स्थल जाने को मजबूर होना पड़ता है। साथ ही लोगों को अपने बच्चे भी नशेडिय़ों के संपर्क में आने का अंदेशा रहता है। ऐसे में हाउसिंग कॉलोनी और क्लीन के लोगों ने पुलिस प्रशासन से रेलवे लाइन के आसपास की झाडिय़ों पर गश्त बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा स्थानीय पार्षदों से कॉलोनी की तरफ आने-वाले रास्तों की बाड़बंदी किए जाने की मांग की है।