अहिंसा, प्रेम व एकता को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं नगर परिषद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने गांधी के विचारों और देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के उनके सिद्धांत आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं। धर्माणी ने कहा कि महात्मा गांधी ने न केवल भारत की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि उन्होंने दुनिया को शांति, सहिष्णुता और समानता का संदेश भी दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान थे। उन्होंने सभी नागरिकों से गांधीजी के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में धर्माणी ने युवाओं से अपील की कि वे महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को अपनाकर देश के विकास में योगदान दें। गांधी का जीवन दर्शन हमें सिखाता है कि सच्ची सेवा और निष्ठा से ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर नगर परिषद के अध्यक्षा रीतासहगल उपाध्यक्ष श्याम शर्मा पार्षद राकेश, कपिल, मदन,एचपीएमसी के अध्यक्ष सतपाल, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने गांधी के सिद्धांतों को आत्मसात करने और समाज में अहिंसा, प्रेम व एकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।