ढालपुर से न हटाए जाएं रेहड़ी-फड़ी संचालक
सीटू के बैनर तले रेहड़ी-फड़ी धारक भारी संख्या में नगर परिषद कार्यालय अखाड़ा बाजार पहुंचे और नगर परिषद अध्यक्ष, कार्यकारी अधिकारी और पार्षदों के समक्ष अपनी मांगों को रखा। सीटू ने रेहड़ी संचालकों के साथ मिलकर अखाड़ा बाजार में नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू ने नगर परिषद कुल्लू से मांग रखी कि जल्द से जल्द वेंडिंग जोन स्थापित किए जाएं और इन सभी रेहड़ी संचालकों को वहां पर शिफ्ट किया जाए, ताकि यह सभी अपना कारोबार कर सकें। सीटू के जिला कुल्लू के कोषाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी के लिए भी साल2014 में एक्ट बना हुआ है और नगर परिषद कुल्लू को इसका पालन करना चाहिए, लेकिन नगर परिषद कुल्लू के द्वारा अभी तक कोई भी वेंडिंग जोन नहीं बनाया गया है। ढालपुर में जो लोग रेहड़ी लगाकर अपना कारोबार करते थे। उन्हें यहां से हटा दिया गया, जिसके चलते लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर नगर परिषद कुल्लू के साथ चर्चा की गई है, ताकि जल्द वेंडिंग जोन स्थापित कर रेहड़ी संचालकों को वहां पर शिफ्ट किया जाए। वहीं, नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने बताया कि तहबाजारी के माध्यम से नगर परिषद को भी काफी आय प्राप्त होती है, लेकिन कुछ लोगों के द्वारा ढालपुर में रेहड़ी संचालकों की शिकायतें की जा रही थी। ऐसे में अब जल्द नगर परिषद कुल्लू के द्वारा वेंडिंग जोन बनाया जाएगा और सभी रेहड़ी संचालकों को वहां पर शिफ्ट किया जाएगा, ताकि वह अपना कारोबार कर सकें।
शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर किया बेरोजगार
रेहड़ी-फड़ी धारकों ने कहा कि उनमें कई ऐसे भी व्यापारी हैं, जो तब से काम कर रहे हैं, जब से नगर परिषद द्वारा तहबाजारी नहीं ली जाती थी, लेकिन अब शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर परिषद ने उन्हें बेरोजगार कर दिया है। पिछले आठ माह से वे रेहड़ी-फड़ी नहीं लगा पाए हैं। व्यापार के लिए जगह न होने की वजह से उनकी कमाई नहीं हो पाई है और उनको अपने परिवार का पालन-पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जब तक वेंडिंग जोन नहीं बनता, तब तक रेहड़ी-फड़ी धारकों को व्यापार करने के लिए स्थान दिया जाए, ताकि वे परिवार का पालन-पोषण कर सकें।