नुक्कड़ नाटकों से किसानों को किया जागरूक
खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सांख्यान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र को सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जाइका) द्वारा संचालित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के दूसरे चरण के तहत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई (केपीएमयू), बिलासपुर ने 20 जनवरी से 22 जनवरी तक छह उप-परियोजनाओं भक्तपुर, बैरन जजेडी, सुसनाल, भपराल, तरोनतरा और छकोह में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से किसानों को जाइका परियोजना के उद्देश्यों, इसके लाभों और फसल विविधीकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद करेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक और व्यावसायिक खेती की दिशा में भी प्रेरित करेगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान महासंगम थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से किसानों को परियोजना के उद्देश्यों और उनके गांव में लागू की जाने वाली उठाऊ सिंचाई योजना की विस्तृत जानकारी दी। इस योजना से किसानों को सिंचाई की सुविधाओं में सुधार होगा और उनकी फसल उत्पादकता बढ़ेगी। बताया कि नुक्कड़ नाटकों में कलाकारों ने किसानों को पारंपरिक खेती से व्यावसायिक खेती की ओर बढऩे के फायदों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इन आयोजनों में खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, बिलासपुर के अधिकारी विक्रम सिंह, पूजा शर्मा, कौशिक ठाकुर और मोहित नायक ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा, कृषक विकास संघ के प्रबंधन समिति के सदस्य और स्थानीय किसान भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मासिक बैठक व मासिक शुल्क का महत्व समझाया
किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद, आधुनिक कृषि उपकरणों और फार्म रोड की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही उगाई गई फसलों के विपणन और उचित मूल्य प्राप्त करने की तकनीकों पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान किसानों को मासिक बैठकों और मासिक शुल्क के महत्व को समझाया गया, ताकि वे परियोजना से बेहतर तरीके से जुड़ सकें और इसके लाभों का अधिकतम उपयोग कर सकें।