सुरक्षा दीवार पर सवा करोड़ खर्च, सब्जी मंडी निर्माण पर संशय
आनी के किरण बाजार में बहुत समय से प्रतीक्षित सब्जी मंडी को अस्थायी रूप से चालू करने की एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति ने योजना बनाई है, जिसके लिए इस वर्ष अस्थायी मार्केट यार्ड बना दिए जाएंगे, लेकिन हैरानी इस बात की है आनी के किरण बाजार में 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन सब्जी मंडी की सुरक्षा दीवार पर ही अब तक सवा करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। बावजूद इसके अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यहां स्थायी सब्जी मंडी बनेगी या नहीं। एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौलस्पीति की सचिव शगुन सूद का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार इस वर्ष आनी के किरण बाजार में अस्थायी मार्केट यार्ड तैयार कर इसे चालू किया जाएगा, यदि यह सब्जी मंडी कामयाब होती है, तो यहां प्रस्तावित स्थायी ढांचा खड़ा किया जाएगा। अन्यथा आनी में सब्जी मंडी का निर्माण नहीं होगा। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पहले निर्माणाधीन सब्जी मंडी के अंदर खड्ड में आई बाढ़ का पानी घुसने के बाद यह आदेश प्रदेश सरकार ने दिए हैं क्योंकि सरकार और एपीएमसी का तर्क है कि खेगसू में पहले ही सब्जी मंडी बनी है। ऐसे में आनी में सब्जी मंडी की टेस्टिंग पर करोड़ों खर्च करने की सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। आपको बता दें कि आनी में पूर्व भाजपा सरकार के दौरान आनी के किरण बाजार में सब्जी मंडी खुलवाने का निर्णय लिया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा कछुआ गति से सुरक्षा दीवार के निर्माण और सुरक्षा दीवार में जगह छोड़ देने के कारण गत वर्ष नदी का रुख अंदर मुड़ा, तो कांग्रेस ने भाजपा के इस निर्णय का जमकर विरोध किया। आनी के किरण बाजार में करोड़ों रुपए से ज्यादा की लागत से बनने वाली इस सब्जी मंडी में नीलामी मंच, दुकानें और ऑफिस, किसान भवन, सामुदायिक भवन, कैंटीन आदि का भी प्रावधान रहेगा, जिसका निर्माण कार्य शुरू होना अभी बाकी है।
साल भर मिल सकेगा लाभ
आनी व आसपास का क्षेत्र बागवानी और कृषि पर निर्भर है। सेब आनी व आसपास के क्षेत्रों की नकदी फसल है, ऐसे में आनी में सब्जी मंडी के निर्माण से आनी क्षेत्र के अलावा साथ लगते मंडी और शिमला जिले के सैकड़ों किसानों और बागवानों को अपनी साल भर की कमाई को प्रदेश की विभिन्न सब्जी मंडियों तक पहुंचाने की सिरदर्द से छुटकारा मिल सकता है और उनका उत्पाद घरद्वार आसानी से बिक सकता है। इस सब्जी मंडी के बन जाने से फलों के अलावा सब्जियों का व्यापार साल के 12 महीने जारी रहेगा, लेकिन प्रदेश सरकार के सवा करोड़ खर्च कर देने के बाद अस्थायी मार्केट यार्ड निर्माण के निर्णय से क्षेत्र में राजनीति गर्म हो गई है। वहीं, सुरक्षा दीवार पर सवा करोड़ खर्च कर दिए जाने के बाद अब सब्जी मंडी के निर्माण को संशय में डालने से क्षेत्र के बागवानों, किसानों में रोष भी पनपने लगा है।