पंजाब का 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश, कोई नया टैक्स नही
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को राज्य का वित्त वर्ष 2025-26 का 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह राज्य में मादक पदार्थों की समस्या से निपटने पर केंद्रित है। साथ ही इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 5,598 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है। हालांकि, महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देने के बारे में बजट में कोई प्रस्ताव नहीं है जो सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के चुनावी वादों में से एक था। उन्होंने कहा कि पंजाब की प्रगति और समृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा नशे की समस्या है। चीमा ने कहा कि हमने अगले साल (वित्त वर्ष 202526) पंजाब में पहली बार मादक पदार्थ संबंधित गणना करने का फैसला किया है। इसमें पंजाब के हर घर को 'कवर' किया जाएगा और राज्य के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बारे में आंकड़े एकत्रित करने के अलावा मादक पदार्थ के प्रचलन, नशा मुक्ति केंद्रों के उपयोग आदि को समझने के लिए भी आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे।
छोटे उद्यमियों को होगा सीधा फायदा
लुिधयाना माइक्रो स्माल एंड मिडियम एंटरप्राइजेज सेक्टर का गढ़ है। एमएसएमई प्रदर्शन को बढ़ाने और गति देने की योजना के तहत, राज्य छोटे उद्यमों के लिए बाजार पहुंच, वित्तीय सहायता और प्रौद्योगिकी अपनाने को बढ़ाने के लिए 120 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लागू कर रहा है। इसका सीधा लाभ छोटे उद्यमियों को होगा। प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में प्रौद्योगिकी विस्तार केंद्र की स्थापना का बजट में प्रावधान किया गया है। इससे इंडस्ट्री में नवाचार आएगा। इसके अलावा लुधियाना में आरएंडएस सेंटर और ऑटो पार्ट्स और हैंड टूल्स टेक्नोलॉजी संस्थान के उन्नयन के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इससे इंस्टीट्यूट अपग्रेड होगा और उद्यमियों को इसका फायदा मिलेगा।