महाकुंभ ने तोड़ी हिमाचल के पर्यटन की कमर
प्रयागराज महाकुंभ और दिल्ली विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों ने पर्यटन नगरी के कारोबार को ठंडा कर दिया है। आलम यह है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार 10 प्रतिशत तक सिमट गया है। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, अभी तक एडवांस बुकिंग न के बराबर है, जबकि होटलों में कमरों के दाम 40-50 प्रतिशत गिर गए हैं। बर्फबारी न होने की वजह से प्रदेश में पहले से ही होटल कारोबारियों पर मार पड़ी है। क्षेत्र में वर्षा तथा स्नोफॉल न होने के कारण पर्यटकों ने हिमाचल की वादियों से मुंह मोड़ लिया है। पार्किंग से लेकर टैक्सी, टैक्सी बाइक, रेहड़ी-फड़ी व्यवसाय, रेस्टोरेंट सहित गिफ्ट आइटम तथा पर्यटन स्थलों में छिटपुट दुकानदार भी खाली हाथ बैठे हैं। पर्यटक गाइडों का बुकिंग का धंधा भी मंदा हो गया है। पर्यटन क्षेत्रों में होटलों के अलावा गेस्ट हाउस तथा होम स्टे भी संचालित हैं। प्रदेश का कारोबार पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर है। प्रदेश के पर्यटन उद्योग को विशेष रूप से राजधानी शिमला सहित धर्मशाला, मैक्लोडगंज, डलहौजी, खजियार, कुल्लू, मनाली आदि पर्यटन क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी सहित कई कारकों के कारण भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।
इस सीजन में आते थे 90 फीसदी पर्यटक
इससे होटल उद्योग, यात्रा व्यवसाय और परिवहन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। होटल कारोबारियों का कहना कि इस सीजन में 90 प्रतिशत पर्यटक हिमाचल प्रदेश आते हैं, लेकिन अब वे महाकुंभ की ओर रुख कर रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनावों ने भी पर्यटकों की संख्या कम करने में भूमिका निभाई है। वहीं, प्रदेश के ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि मौजूदा मौसम से भारी नुकसान हुआ है। होटल खाली हैं और परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
प्रदेश सरकार दे होटल कारोबारियों को राहत: बांबा
होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिशसन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बांबा के अनुसार, पर्यटन उद्योग पर पहले से ही मौसम की मार पड़ी है, ऐसे में देश-विदेश के लोगों का रुख प्रयागराज महाकुंभ की ओर होने से प्रदेशभर में होटल कारोबार की कमर टूट चुकी है। दिल्ली में होने वाले विस चुनावों का असर भी पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। अगर यूं ही चलता रहा तो कुछ दिनों में हालात और भी खराब होते नजर आएंगे, क्योंकि अधिकतर होटल बैंकों के ऋण पर चले हुए हैं तथा बैंकों का भुगतान भी रुकता नजर आ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि होटल कारोबारियों को राहत प्रदान की जाए।