ऐतिहासिक चौगान मैदान का दुरुपयोग, नगर परिषद पर उठे सवाल
ऐतिहासिक चौगान आलम देखिए नगर परिषद नाहन को जहां इसका ईमानदारी से रखरखाव करना चाहिए जबकि सालाना नगर परिषद इस मैदान से लाखों रूपये किराए के नाम पर कमा रही है। लेकिन अब नगर परिषद खुद ही चौगान का दुरपयोग करने में लर्गीं है। गुरुवार को यहां शहर में घुमने वाले गोवंश को पकड़ पकड़ कर जमा किया गया फिर गो सदन के लिए गाड़ी में चढ़ा कर रवाना किया गया। वर्तमान में नगर परिषद का अपना कोई कैटल पौंड नहीं है। ऐसे में चौगान का प्रयोग भी जानवरों के लिए किया जाने लगा है। नप का पुराना कैटल पौंड सालों पहले पक्का टैंक के किनारे बनी बहूमंजिला पर्किंग की जद आ गया था। मिली जानकारी के अनुसार नाहन में नगर परिषद ने डीसी सिरमौर के निर्देशों के बाद बेसहारा गोवंश को पकडऩे के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और गंदगी की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था । नप के कार्यकारी अधिकारी अजय गर्ग ने बताया कि शहर में आवारा पशुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। इन जानवरों द्वारा गंदगी फैलाई जा है। राहगीरों पर हमला भी कर रहे थे। स्थानीय लोगों में भय बना हुआ था। गर्ग ने बताया कि अब तक करीब 45 बेसहारा पशुओं को पकड़कर विभिन्न गौशालाओं में भेजा जा चुका है और यह अभियान अभी भी जारी है। इसी कड़ी में चौगान मैदान में भी नगर परिषद द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। जहां से पकड़े गए सभी पशुओं को गौशाला भेजा गया है।