हिमाचली फलों और सब्जियों की ब्रांडिंग कर इन्हें हिम ईरा ऐप से जोड़ें : एडीसी
हिमाचल की स्वच्छ आबोहवा के कारण यहां के वातावरण में तैयार हुए फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद पौष्टिकता के मामले में अनेक गुणों से परिपूर्ण होने के साथ शुद्धता की गारंटी भी देते हैं। यदि यहां के बागवानी और कृषि उत्पादों की सही ढंग से ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जाए तो पर्यटन के साथसाथ यह उत्पाद भी देश भर के लोगों को आकर्षित कर सकते हैं, जिसका सीधा लाभ हमारे किसानों और बागवानों को पहुंचेगा। यह बात धर्मशाला में जिला कांगड़ा बागवानी मिशन समिति की बैठक अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कही। उन्होंने जिले के प्रगतिशील बागवान और किसानों के उत्पादों को 'अपना कांगड़ा' और 'हिम ईरा' ऐप से जोड़कर ऑनलाइन मार्केट उपलब्ध करवाने के निर्देश विभाग को दिए। एडीसी ने कहा कि जिस प्रकार कुल्लू शॉल की गुणवता और उसकी सही ब्रांडिंग से आज देश-विदेश में उसकी मांग है, उसी प्रकार यहां के शुद्ध और प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और सर्टिफिकेशन कर विभाग उनके लिए बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करे। उन्होंने कहा कि जिले के कई प्रगतिशील किसान और बागवान अनुकरणीय कार्य कर प्राकृतिक रूप से शुद्ध उत्पाद अपने खेतों में उगा रहे हैं। उनकी मेहनत को सफल बनाने और अन्य किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभाग को उनको मार्केट उपलब्ध करवाने की दिशा में काम करना चाहिए। एडीसी ने बताया कि जिला कांगड़ा में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 27 करोड़ 34 लाख की वार्षिक कार्य योजना को अंतिम रूप देकर सरकार को स्वीकृत हेतु प्रेषित किया गया है।