आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहे हैं देवली के सुरेश कुमार
देवली गांव के प्रेम लाल के पुत्र सुरेश कुमार और उनकी पत्नी वीना देवी ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। सुरेश हर मौसम के अनुसार अपनी फसलें बेचकर हर महीने बीस से तीस हजार रुपए तक की कमाई करते हैं। वह बताते हैं कि इस वक्त वे प्याज के पौधों की पनीरी बैरी, घागस, बरमाणा चौक पर बेच रहे हैं। जिसे उन्होंने अक्तूबर-नवंबर में बोया था। उनकी मेहनत और निरंतरता का परिणाम यह है कि वे अपने सात सदस्यीय परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और बच्चों को भी अच्छी शिक्षा दे रहे हैं। सुरेश का कहना है कि वह हर सीजन में कोई न कोई चीज बेचते हैं और इसके लिए हर महीने अपनी योजना बनाते हैं। आगामी महीनों में वह गन्ने का रस, मक्की के भुट्टे, खीरे, भिंडी, लौकी, प्याज, लहसुन जैसी मौसमी सब्जियां उगाकर बेचने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगर सरकार या किसी विभाग से प्रशिक्षण और मदद मिलती है, तो वे अपनी कमाई को और बढ़ा सकते हैं। वह नौकरी की लालसा छोड़कर, अपने परिवार के सहयोग से आत्मनिर्भर बने हैं। उनका मानना है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है, चाहे वह नौकरी हो या व्यापार। सुरेश ने युवा पीढ़ी से अपील की है कि वे पैसे कमाने के लिए शॉर्टकट अपनाने के बजाय मेहनत और ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि आजकल कई युवा नशे की लत में पड़कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने यह साझा किया कि युवा नौकरी की तलाश छोड़कर आत्मनिर्भर बनने का फैसला लें, जिसमें कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है।