हिमाचल में माइनिंग पॉलिसी में होगा बदलाव: सीएम सुक्खू
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में वीरवार को माइनिंग पॉलिसी का मुद्दा उठा। चंबा के विधायक नीरज नैयर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में माइनिंग पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार इस बदलाव के लिए सभी तथ्यों और मामलों का अध्ययन करेगी और जनता से सुझाव भी लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान माइनिंग रूल्स 1971 से लागू हैं, जिनमें 2015 में कुछ संशोधन किए गए थे। इससे पहले भरमौर के विधायक डॉक्टर जनकराज के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि माइनिंग पॉलिसी के तहत चंबा जिले की सलूणी तहसील में स्यूल खड्ड के किनारे तलोड़ी में एक खनन पट्टा व उसके आसपास कंडला और मोहड़ी में एक-एक खनन पट्टा मंजूर किया गया है। खनन पट्टों को प्रदान करते समय माइनिंग पॉलिसी व नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
धर्मशाला में बनेगा देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंट
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि धर्मशाला के तपोवन क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनेगा। इसके निर्माण के लिए जगह को चिन्हित कर लिया है और यह प्रोजेक्ट एडीबी (एशियाई विकास बैंक) की सहायता से पूरा होगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए दी। सुक्खू ने बताया कि पिछले दो साल में एडीबी के तहत सरकार की ओर से कुल 844.15 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की गई है। इसके अलावा एडीबी के पास दायर 709.90 करोड़ रुपए के प्रतिपूर्ति दावों के मुकाबले प्रदेश को 677.69 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हो चुकी है
विधायकों को एक्सपोजर विजिट पर विदेश भेजेगी प्रदेश सरकार
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले समय में सभी विधायकों को एक्सपोजर विजिट पर विदेश भेजेगी। उन्होंने कहा कि जब विधायक विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर जाते हैं, तो उनके मन में नई सोच और दृष्टिकोण विकसित होता है, जो राज्य के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विधायक विपिन परमार के स्कूली बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण से संबंधित सवाल के जवाब में बताया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले समय में सभी विधायकों को किसी न किसी प्रोजेक्ट से जोड़कर विदेश भेजा जाए। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विपिन परमार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि स्कूली बच्चों के विदेश शैक्षणिक भ्रमण पर 1 करोड़ 59 लाख 50 हजार 22 रुपए खर्च किए गए हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सिंगापुर की सरकारी शैक्षणिक संस्था प्रिंसिपल एकेडमी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण पर 2 करोड़ 13 लाख 32 हजार 360 रुपए खर्च किए गए