पांवटा में 10 फुट लंबे किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू
पांवटा साहिब के व्यास गांव में वन विभाग की टीम ने स्नेक कैचर भूपेंद्र सिंह की मदद से लगभग 10 फुट लंबे पूर्ण वयस्क किंग कोबरा के रेस्क्यू का अद्भुत कारनामा किया। यह हिमाचल प्रदेश में पहली बार हुआ है जब किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू किया गया है। किंग कोबरा को सबसे पहले मई 2021 शिवालिक हिल्स की पहाड़ियों में फांदी गांव के समीप देखा गया था। इसके बाद चंबा जिले में किंग कोबरा स्पॉट हुआ था। वर्ष 2024 में पावटा साहिब के ही जंगलोट गांव में कच्ची सड़क पार करते एक बड़े किंग कोबरा को देखा गया था।प्रदेश में यह चौथी बार है कि हिमाचल में पांवटा साहिब के ही व्यास गांव में फिर से किंग कोबरा को देखा गया। यहां न सिर्फ किंग कोबरा को देखा गया बल्कि किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू भी पूरा हुआ।व्यास गांव के आसपास पिछले कई दिनों से किंग कोबरा को देखा जा रहा था। जिसकी वजह से आसपास के ग्रामीण बेहद भयभीत थे। हालांकि ग्रामीणों ने मामले की गंभीरता को समझा और किंग कोबरा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।इस संबंध में ग्रामीणों ने क्षेत्र के मशहूर स्नेक कैचर भूपेंद्र सिंह को सूचना दी। भूपेंद्र होली से एक दिन पहले किंग कोबरा को पकड़ने के लिए व्यास गांव पहुंचे लेकिन उसे दिन उन्हें कोबरा नहीं मिला। अगले दिन यानी 14 मार्च को भूपेंद्र सिंह फिर व्यास गांव पहुंचे इस दौरान उन्होंने वन विभाग की टीम को भी सूचना दी। उनकी सूचना पर विभाग के आरओ सुरेंद्र शर्मा वनरक्षक वीरेंद्र शर्मा और विंकेश भी मौके पर पहुंचे। कुछ घंटे की मशक्कत के बाद किंग कोबरा गेहूं के खेत में बैठा पाया गया। यहां वन विभाग की टीम ने किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। इस रिस्क में स्नेक कैचर भूपेंद्र सिंह ने वन विभाग की टीम की मदद की। किंग कोबरा को पड़कर सघन वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। किंग कोबरा के रेस्क्यू और उसे बस्ती से दूर वन क्षेत्र में छोड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बताते चले कि किंग कोबरा विश्व के सबसे जहरीले सांपों में से एक है। स्नेक कैचर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बेहद खतरनाक किंग कोबरा को सांपों के नेचुरल हैबिटेट घने जंगल में छोड़ा गया है।