शहर में अतिक्रमण हटाने के कुछ समय बाद दुकानदारों ने फिर सजाया सामान
नगर निगम और जिला प्रशासन ने हमीरपुर शहर में अतिक्रमण को लेकर मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पूरे शहर का दौरा कर दुकानों के बाहर रखे सामान को हटाया। इस दौरान कुछ दुकानदारों के साथ बहस भी हुई, लेकिन फिर भी सड़क पर रखे सामान को हटा दिया। नगर निगम के सहायक अभियंता और तहसीलदार सुभाष मल्होत्रा के निगरानी में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान गांधी चौक से भोटा चौक और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान कई दुकानदारों को चेतावनी दी गई, जबकि कुछ छोटे दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया गया, जबकि बड़े दुकानदारों को चेतावनी दी गई। इस अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी साथ चल रही थी। अतिक्रमण हटाने का एक उदेश्य यह भी था कि यदि शहर में आग की घटना हो जाती है तो अग्निशमन की गाड़ी आसानी से पहुंच सके। जहां सड़क पर दुकानदारों ने सामान सजा रखा था, उसे वहां से हटाकर चेतावनी दी गई। प्रशासनिक अधिकारी जैसे ही दुकानों का अतिक्रमण हटा कर आगे बढ़ते गए, इसके तुरंत बाद ही अतिक्रमणकारियों ने अपनी दुकानों के आगे फिर से सामान सजा लिया। गौरतलब है कि हमीरपुर बाजार में यह चर्चा जोरों पर है कि इस कार्रवाई के दौरान जो बड़े-बड़े धन्ना सेठ दुकानदार थे, जिन्होंने अपनी दुकानों का सामान सरेआम सड़क के ऊपर सजाया हुआ था, उन्हें छोड़ दिया गया। केवल छोटे दुकानदारों पर ही इस कार्रवाई की गाज गिरी है। इस के चलते हमीरपुर बाजार में इस अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हालांकि इससे पहले भी अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन कुछ दिनों बाद दुकानदार फिर से सड़क या फुटपाथ पर अपना सामान सजा देते हैं। इस बारे में तहसीलदार हमीरपुर सुभाष मल्होत्रा का कहना है कि फुटपाथ पर सामान सजाने वाले सभी दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि चेतावनी के बाद भी दुकानदार सामान नहीं हटाते हैं तो उनका सामान जब्त कर चालान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ अग्निशमन की गाड़ी को जाने के लिए कहां पर दिक्कत आ रही है, वहां से भी दुकानदारों के सामान को हटाया गया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि महीने में 15 दिन में एक बार अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी।