हिमाचल के उद्योगों में जान फूंकेगा चंडीगढ़-बद्दी ब्रॉडगेज
चंडीगढ़-बद्दी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन हिमाचल के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। करीब 33.23 किलोमीटर लंबी रेललाइन चंडीगढ़ को हिमाचल के औद्योगिक केंद्र बद्दी से जोड़ेगी। इस परियोजना के जून, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना में करीब 1540.14 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। केंद्रीय बजट 202425 में लाइन के पूरा होने में तेजी लाने के लिए 300 करोड़ आवंटित किए हैं। गत वित्त वर्ष में भी 452.50 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे। यह लाइन चंडीगढ़ और बद्दी-अमृतसर- कोलकाता कॉरिडोर के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। सोलन जिले में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ के औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देगी। इस परियोजना को 2014 में मंजूरी दी थी और इसे कई बार देरी का सामना करना पड़ा है। अब इस कार्य में तेजी आई है।
चंडी मंदिर रेलवे स्टेशन से शुरू होगी लाइन
यह रेललाइन हरियाणा के लगभग 25 किलोमीटर तक पिंजौर ब्लॉक के लगभग 42 गांवों सूरजपुर, धमाला, लोहगढ़, खेड़ा व मढ़ांवाला से होते हुए हिमाचल के शीतलपुर स्थित कंटेनर डिपो केंदूवाला होते हुए संडोली तक पहुंचेगी। इसमें हिमाचल के 9 गांव आते हैं। यह रेल लाइन चंडी मंदिर रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। चंडी मंदिर रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण कार्य चल रहा है। चंडीगढ़ से हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला जाने वाली रेल गाडिय़ों के लिए चंडी मंदिर में अलग से लूप लाइन बिछाई जाएगी। अलग से रेल लाइन सूरजपुर तक सामानांतर बिछाई जाएगी। यह लाइन सूरजपुर के पुराने स्टेशन से अलग होकर पश्चिमी दिशा की ओर बद्दी के लिए निकलेगी। इस बीच पिंजौर-नालागढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित पिंजौर ब्लॉक के गांव नानकपुर में एनएच की बाईं ओर नया रेलवे स्टेशन बनेगा।
प्रवासी मजदूरों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
प्रोजेक्ट पूरा होने से बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 7 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों, माल ढुलाई के लिए उद्योगों और स्थानीय ग्रामीणों को भी लाभ होगा। गौरतलब है कि बद्दी, नालागढ़ क्षेत्र में कई मल्टीनेशनल कंपनियों के बड़े प्लांट हैं। ऐसे में बद्दी-अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जुडऩे का पूरे उतरी क्षेत्र को फायदा होगा। अब उद्योगों को कच्चा माल लाने, तैयार माल को अन्य राज्यों में भेजने के लिए सड़क मार्ग के अलावा रेलवे का भी विकल्प मिलेगा।