2 साल से लंबित वित्तीय लाभों की शीघ्र हो अदाएगी: पेंशनर्स फोरम
बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम ने सरकार और प्रबंधन से मांग की है कि उनकी 2 साल से चली आ रही लंबित मांगों को शीघ्र अमलीजामा पहनाया जाए। फोरम का कहना है कि वित्तीय लाभ लगातार लटके हुए हैं, जिन्हें देने की जहमत नहीं उठाई जा रही। भोरंज इकाई की रविवार को जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में पेंशनर्स ने काफी रोष व्यक्त किया और कहा कि उन्हें अपने वित्तीय लाभों के लिए बेवजह ही दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से बिजली बोर्ड का प्रबंधक वर्ग वित्तीय प्रबंधन के मामले में पूर्ण रूप से नाकाम रहा है। इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित बिजली पेंशनर फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि बोर्ड पर बोर्ड प्रबंधक वर्ग 11989 पद रिक्त होने के बावजूद नए युवाओं की भर्ती करने के बजाए युक्तिकरण करने के नाम पर पद समाप्ति की मुहिम को बड़ी तेजी के साथ आगे बढ़ाने में व्यस्त है। खरवाड़ा ने कहा कि पद समाप्ति की मुहिम से बिजली बोर्ड लिमिटेड की आर्थिक स्थिति में कोई भी ज्यादा सुधार होने की उम्मीद नहीं है, उल्टा जहां कर्मचारियों के पदोन्नति अवसर बुरी तरह से प्रभावित होंगे, वहीं बिजली बोर्ड लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर भी विपरीत प्रभाव पडऩा निश्चित है। उपभोक्ता को दी जाने वाली सेवाओं पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा और इस से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हजारों युवाओं की उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लगेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधक अपने काम की तरफ से ध्यान देने की कोशिश करे, क्योंकि आज लगभग 96 हजार बिजली मीटर डैड स्टॉप पड़े हैं, जिनमें 3200 मीटर 3 फेस के हैं। डैड स्टॉप मीटर को न बदलने के कारण बिजली बोर्ड लिमिटेड को करोड़ों रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। वहीं, आज लगभग 35 हजार नए कनेक्शनों की फाइलें लंबित पड़ी हैं। बिजली बोर्ड लिमिटेड 500 रुपए का मीटर उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। 31 करोड़ रुपए की लागत से करीब 10 हजार का स्मार्ट मीटर लगाने में लगा है। जो कि बिजली बोर्ड लिमिटेड और उपभोक्ताओं के हितों के साथ खिलाफ है। खरवाड़ा ने कहा कि बिजली बोर्ड लिमिटेड का 442 करोड़ 48 लाख रुपए उपभोक्ताओं के पास फंसा है, जिसमें लगभग 178 करोड़ रुपए सरकारी महकमों का बिल बकाया है। इसमें भी जलशक्ति विभाग का ही 148 करोड़ 94 लाख बिल बकाया है। बोर्ड लिमिटेड की आर्थिक स्थिति पर मुफ्त में दी जा रही बिजली सुविधा भी उल्टा असर डाल रही है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं एवं पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा 11 फरवरी को टाऊन हाल हमीरपुर में आयोजित की जा रही महापंचायत में सभी बिजली कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर, बिजली उपभोक्ता व बेरोजगार युवा भारी संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर पेंशनर फोरम यूनिट सचिव रणवीर सिंह ठाकुर, जिला चीफ ऑडिटर सुभाष ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष जोगिंदर शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने भी बैठक को संबोधित करते हुए सभी से 11 फरवरी की महापंचायत में शामिल होने की अपील की।