संघर्ष की राह पर हिमाचल, आकर्षित नहीं कर पा रहा विदेशी पर्यटकों को
आशा के अनुकूल हिमाचल प्रदेश में विदेशी पर्यटकों का रुख न होने से पर्यटन उद्योग लगातार रिता जा रहा है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में प्रदेश संघर्ष की राह पर है। बावजूद उसके हिमाचल प्रदेश फॉरेन टूरिस्ट वीजा (एफटीवी) के मुकाबले गोवा, उत्तराखंड व सिक्किम जैसे छोटे राज्यों से पीछे चला गया है। लंबे समय से विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिराबट दर्ज की जा रही है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, हिमाचल प्रदेश गोवा (4,52,692 एफटीवी), उत्तराखंड (1,43,027) और सिक्किम जैसे छोटे राज्यों से पीछे है। इसके विपरीत, महाराष्ट्र 33.87 लाख विदेशी पर्यटकों के साथ रैंकिंग में सबसे आगे है, उसके बाद गुजरात 28.06 लाख पर्यटकों के साथ दूसरे स्थान पर है। साल 2021 में 4,932 तथा 2022 में 29,333 से मामूली सुधार के बावजूद, यह संख्या महामारी से पहले के स्तर से बहुत कम है, जब राज्य में सालाना 3.5 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक आते थे। और 2022 में 29,333 आगंतुकों से अधिक रही। 2023 में यहां केवल 62,806 विदेशी पर्यटक आए, जो भारत में कुल 1.92 करोड़ विदेशी पर्यटकों का एफटीवी अनुपात मात्र 0.33 है। प्रदेश में स्वदेश दर्शन, इको-टूरिज्म और प्रसाद जैसी पहलों के तहत सीमित वित्तीय सहायता चिंता का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल को स्वदेश दर्शन के तहत केवल 64.54 करोड़ रुपए मिले, जबकि दूसरे प्रदेशों को 2,000 करोड़ रुपए तक मिले। इसके अलावा, देखो अपना देश और भारत पर्व जैसे प्रचार अभियानों में हिमाचल को अनदेखी कासामना करना पड़ा है। साल 2023 में 1.5 करोड़ आगंतुकों के साथ घरेलू पर्यटन में मजबूत सुधार देख गया था। विदेशी आगमन कोविड-पूर्व स्तर का सिर्फ 20 प्रतिशत ही है। विशेषज्ञ हिमाचल के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए मजबूत मार्केटिंग प्रयासों और बेहतर बुनियादी ढांचे के समर्थन का आग्रह कर रहे हैं। कोविड प्रभाव के दौरान वर्ष 2021 में हिमाचल में विदेशी पर्यटकों की संख्या 2012, 2013 और 2014 की तुलना में काफी कम रही। तब 5 लाख, 4.1 लाख और 3.9 लाख विदेशी पर्यटक प्रदेश में पहुंचे थे। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 2020 से विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई। कोविड के भारत में आने से एक साल पहले, हिमाचल प्रदेश में 3.83 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, जिनमें कुल्लू, शिमला और कांगड़ा में सबसे अधिक पर्यटक आए थे।