लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी: जफर इकबाल
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश भर में अपनी अलग पहचान बना चुके मिनर्वा संस्थान घुमारवीं ने एक नया अध्याय शुरू किया है। मिनर्वा अब धर्मशाला में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएगा। इससे कांगड़ा जिले के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। धर्मशाला में मिनर्वा स्टडी सर्कल की नई ब्रांच का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ है। स्टडी सर्कल की ब्रांच का शुभारंभ एमसी के कमीश्नर आईएएस जफर इकबाल ने किया, जबकि एचपीएएस हितेश लखनपाल मुख्य रूप से मौजूद रहे। मिनर्वा संस्थान के संस्थापक प्रवेश चंदेल, मुख्य प्रबंधक राकेश चंदेल, स्वदेश चंदेल ने मुख्यातिथि को शॉल टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए मिनर्वा संस्थान बहुत सराहनीय कार्य कर रहा है। शिक्षा बोर्ड टॉपर हो या प्रतियोगिता परीक्षा सभी मे मिनर्वा अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसके लिए मिनर्वा संस्थान प्रबंधन बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जिंदगी को दिशा देना ही हमारा पहला काम है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए खुद से लडऩा पड़ता है। जैसे हमें कहीं जाने के लिए संसाधन और रास्ते का पता होना चाहिए। उसी तरह अपने लक्ष्य पाने के लिए सिलेबस और परीक्षा का चयन करना अति आवश्यक है। अगर हम जीवन में स्ट्रगल नहीं करेंगे तो हमें कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कुछ पाना है तो मिशन की तरह लेना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य होना ही चाहिए। सफलता को मिशन बनाने के बाद गोल प्राप्त करते हैं तो हम और हमसे जुड़े सभी लोग भी सीखते हैं। असफलता के बाद विचारों में सकारात्मकता लाना जरूरी है। मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंधक राकेश चंदेल ने कहा कि वर्ष 2024 में एमबीबीएस के लिए संस्थान से 52 स्टूडेंट्स चयनिय हुए हैं, जबकि जेईई मेंस के लिए 26 व एक एनडीए के लिए स्टूडेंट्स चयनिय हुए हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जाए इसके लिए मिनर्वा संस्थान बचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मिनर्वा संस्थान का हमेशा प्रयाश रहा है कि बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान की जाए। पिछले 10 से अधिक वर्षों में मिनर्वा स्टडी सर्कल घुमारवीं से लगभग 350 छात्र मेडिकल क्षेत्र में आगे निकले हैं। साथ ही 250 के आसपास ऐसे छात्र मिनर्वा स्टडी सर्कल घुमारवीं से पढाई कर चुके हैं जो आज विभिन्न एनआईटी, आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों से अपनी व्यावसायिक डिग्री हासिल कर रहे हैं या नौकरी कर रहे हैं।