केंद्रीय बजट को लेकर सीटू ने किया धरना-प्रदर्शन
सीटू जिला कमेटी हमीरपुर केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। इससे पहले सीटू कार्यकर्ता तहसील के पास एकत्रित हुए और उसके उपरांत मुख्य बाजार से होते हुए गांधी चौक तक रैली निकाली। विरोध-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, रंजन शर्मा, मीरा खान आदि ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट मजदूर विरोधी है और इसमें आम आदमी के हितों की अनदेखी गई है। इस बजट में देश की अधिकांश जनता की खर्च करने की क्षमता की कमी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। एक तरफ जहां देश की विशाल युवा आबादी बेरोजगार है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई की मार से निपटने के लिए कोई प्रयास इस बजट में नहीं किया गया है। बजट में कॉर्पोरेट घरानों को फायदा देने के लिए देश के प्राकृतिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र को निजी हाथों में देने का प्रबंध इस बजट के माध्यम से किया गया है। देश के बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों के भारी भरकम मुनाफे पर टैक्स लगाकर जनता को राहत देने के बजाए इस बजट में उल्टे राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र को बेचकर 10 लाख रुपए जुटाने की व्यवस्था इन बड़े बड़े उद्योगपतियों के लिए की गई है। खाद्य सब्सिडी में 8364 करोड़ की कटौती पहले से ही मंहगाई की भयंकर मार झेल रही जनता के साथ घोर अन्याय है। केंद्रीय बजट में मिडडे मील की योजना में 300 करोड़ रुपए काटा गया है। बाल विकास परियोजना के बजट में मामूली बढ़ौतरी की गई है आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं को पक्का करने और ग्रेच्युटी देने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। केंद्र के बजट में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के कल्याण के लिए खर्च किए जाने वाले बजट को भी काटा गया है। मनरेगा के बजट को भी काटा गया है। बजट में देश के किसानों के कर्जा माफ करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। देश में विभिन्न कार्यालयों में अधिकांश ठेका व अशंकलीन मजदूरों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस जन व मजदूर विरोधी बजट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों ने शिरकत की। इस प्रदर्शन में रजनीश, कमल, सुनीता, सुभाष, सुषमा, रेखा, प्रवीण, धर्म सिंह, धनी राम, प्रताप, प्यार चंद आदि ने प्रदर्शन में भाग लिया।