गोबिंदसागर में जल बिन कैसे दौड़े कू्रज?
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में गोबिंदसागर में बड़े जोरशोर से वाटर एक्टिविटीज शुरू करने के लिए शिकारा, क्रूज, स्पीड बोट, बनाना बोट और सोफा राइड झील में उतारे थे, लेकिन एक माह से जलस्तर कम होने से इन सारी एक्टिविटीज की रफ्तार कम हो गई है। पर्यटक यहां बड़े चाव से कू्रज की सैर का लुत्फ उठाने आते थे, लेकिन पिछले एक माह उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है। यहां रोजाना 100 से अधिक पर्यटक आते थे। वहीं, इन वाटर स्पोट्र्स एक्टिविटीज में इन्वेस्टमेंट करने वाले लोगों की कमाई पर भी संकट आ गया है।
गतिविधियों का केंद्र मंडी-भराड़ी
गतिविधियों का केंद्र फोरलेन पर मंडी-भराड़ी बनाया गया है। हिमालयन एडवेंचर कंपनी की ओर से संचालित की जा रहीं इन गतिविधियों का अच्छे परिणाम के चलते यहां अब पैरा सेलिंग और होट एयर बलूनिंग भी शुरू की जा रही है।
मार्च तक रहता था ठीक जलस्तर
पहले मार्च माह तक मंडी भराड़ी में जलस्तर ठीक रहता था, लेकिन इस साल कम हो गया है। कू्रज में जो मोटर लगी है वह गहरे पानी के लिए है, जबकि मंडी-भराड़ी में किनारों में पानी पांच से सात फुट भी गहरा नहीं रहता है।
जेटिस को मंडी-भराड़ी से हटाने की तैयारी
साहसिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए जेटिस बनाई जाती है, जिसके सहारे सभी उपकरण किनारे लगाए जाते हैं। इसके अलावा, लोगों का प्रवेश बोट में करवाया जाता है। पानी कम होने के चलते संचालन कंपनी जेटिस अन्य गहरे पानी वाले स्थान में शिफ्ट करने पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि गर्मी के चलते जेटिस को ऋषिकेश की ओर लगाया जा रहा है।