पूर्व सैनिक संयुक्त मोर्चा की मांग – देश में 'भारतीय सैनिक कमीशन' का हो गठन
भारतीय सेना के एक सेवार्थ कर्नल रैंक के अधिकारी व उनके बेटे की 45 मिनट तक 13 मार्च को पटियाला में पंजाब पुलिस द्वारा मारपीट करना तथा करनाल पुष्पेंद्र सिंह बाट के बाजू तक को तोड़ देना तथा बेटे को सिर में गंभीर चोटें लगने के उपरांत भी अभी तक इंसाफ के लिए परिवार को कभी रक्षा मंत्री तथा पंजाब के मुख्यमंत्री के ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, परंतु एक महीना बीतने पर भी इंसाफ नहीं मिल पा रहा है। इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि जब एक सेवार्थ कर्नल के साथ ऐसा हो रहा है तो नीचे के रैंकों के सेवार्थ व पूर्व सैनिकों के साथ पुलिस कितनी प्रकार क्रूरता व प्रताड़ना करती होगी, जिन लोगों की कहीं आवाज तक भी नहीं पहुंचती होगी। यह एक बहुत गंभीर बात है। यह बात संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन जेसीओ एवं ओ आर हिमाचल प्रदेश के चैयरमेन कैप्टन जगदीश वर्मा सेवानिवृत्त, सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान तथा मीडिया प्रभारी नायब सूबेदार अमृतलाल एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कही। कैप्टन जगदीश वर्मा ने कहा कि रक्षा मंत्री व अन्य मंत्रियों से मिलने पर भी आश्वासन के अलावा कोई ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती है। यह सही समय है कि पूरे देश में जिस प्रकार से महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, ह्यूमन राइट कमीशन तथा बैकवर्ड क्लास कमीशन आदि उपलब्ध है इसी तर्ज पर एक "भारतीय सैनिक कमिशन" का भी पूरे देश में गठन किया जाना चाहिए, जिसमें इस प्रकार के सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के साथ हो रही हिंसा के मामलों की निष्पक्ष जांच हो सके व उन्हें न्याय मिल सके।