पंजाब के बाद हिमाचल के युवा नशे की गिरफ्त में : जयराम ठाकुर
विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जसराम ठाकुर ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार व चिट्टे के कारण युवाओं की हो रही मौत पर बहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि पंजाब के बाद हिमाचल के युवा पूरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं तथा नशा माफिया बिना किसी खौफ के अपनी जड़ों को मजबूत करने में लगा हुआ है, जबकि प्रदेश की सुक्खू सरकार इस पूरे मामले में तमाशगीन बनी हुई है। सोमवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान जयराम ने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार अपने चरम पर है और नशा माफिया पूरे प्रदेश में तांडव मचा रहे हैं। वर्तमान में नशा माफिया, पुलिस और राजनीतिक गठजोड़ के मामले सामने आ रहे हैं, जो बहुत चिंताजनक और शर्मनाक है। प्रदेश में पिछले दो हफ्तों में नशे के ओवर डोज की वजह से 4 युवाओं की दुखद मौत का मामला सामने आ चुका है। जब नशा प्रदेश के युवाओं को इस तरह अपने मकडज़ाल में जकड़ रहा है, उस समय में पुलिस और राजनीति से जुड़े 60 से ज्यादा लोगों की नशा माफिया के गठजोड़ से नशे के कारोबार में सहयोग करने का मामला चिंताजनक है। ऐसे हालत में नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है? प्रदेश के लोग किस पर भरोसा करेंगे? उन्होंने कहा कि पूर्व में जब प्रदेश में हमारी सरकार के समय दूसरे राज्यों के लोगों का योगदान रहा है, उस समय हमने पंजाब, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ ज्वॉइंट आपरेशन किया गया, जिसमें राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने भी इस चिट्टे के कारोबारियों को पकडऩे में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि आज नशा हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच गया है जो कभी सिर्फ बॉर्डर एरिया तक सीमित था। वर्ष 2023-24 में विधानसभा में 11 लोगों की मौत का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों को पकडऩे के लिए कांगड़ा जिले में नूरपुर में एसपी आफिस खोल गया था और विधानसभा में नशे में लिप्त लोगों की बेल न हो सके एक एक्ट बनाया गया। उसे केंद्र सरकार को भेजा गया वह भी वर्तमान सरकार ने फॉलो नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार व्यवस्था परिवर्तन की बात करती है यह सरकार उस पर कोई भी कड़ा कदम नही उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सहयोग को तैयार है। सरकार ओर विपक्ष को मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लडऩे होगी, ताकि हम प्रदेश के अपने युवाओं की जिंदगियों बचा सकें।