'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजे शिवालय
महाशिवरात्रि का पर्व जिले में बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। बम-बम भोले की गूंज से जिला कुल्लू पूरी तरह से गूंज उठा। शिवरात्रि पर्व के चलते दिनभर भोलेनाथ के शिवालयों में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी रही। हालांकि, सुबह से बारिश का दौर जारी था। बारिश और भारी ठंड भी भोले के भक्तों के कदमों को नहीं रोक पाई। कुल्लू घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, 15 दिसंबर के बाद दो माह बाद बिजली महादेव के कपाट दो दिनों के लिए खुले, जो कि शुक्रवार सुबह से फिर से 15 मार्च के लिए बंद कर दिए जाएंगे। दो माह के बाद बिजली महादेव के कपाट खुलने से भक्त काफी उत्साहित दिखे और सुबह छह बजे से लेकर रात तक दर्शन करने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। उधर, जिला मुख्यालय स्थित भूतनाथ मंदिर के अलावा अन्य स्थानों पर शिवराड़ी महादेव, पिरड़ी महादेव, ज्वाणी महादेव, बिननी महादेव, सियाली महादेव, शिव मंदिर बजौरा, विश्वेश्वर महादेव मंदिर बजौरा, बुंगडू़ महादेव, मणिकर्ण स्थित शिव मंदिर, बाबा बालकनाथ मंदिर, अंजनी महादेव व शमशरी महादेव मंदिर, बंजार, सैंज सहित अन्य सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, जल व बेलपत्र चढ़ाकर भोले से सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तनों का दौर जारी रहा, जिसके चलते माहौल देवमय रहा। जिले के सभी शिवालयों को विशेष रूप से नर्गिस के फूलों और अन्य फूलों से सजाया गया था। बजौरा में सबसे पुराने ऐतिहासिक शिव मंदिर, जो कि पांडवों के समय का है, पगौड़ा शैली से बना कुल्लू जिले का सबसे पुराना मंदिर है, जहां पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिवरात्रि की पावन वेला पर दूरदराज से भक्त शिव भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने इस मौके पर देवालयों में प्रसाद बांटकर पुण्य कमाया। साथ ही परंपरानुसार भांग का घोटा पीकर भी शिव भक्त खूब झूमे। वहीं, जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग तथा उदयपुर उपमंडल में शिव भक्तों ने शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया। बिजली महादेव मंदिर के पुजारी मदन ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिवरात्रि के मौके पर भक्तों का खूब तांता लगा रहा। उन्होंने बताया कि बिजली महादेव मंदिर के कपाट शिवरात्रि पर्व के लिए विशेष रूप से खोले गए थे और उसके बाद दोबारा बंद हो जाएंगे, अब 15 मार्च को भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खुलेंगे। कुल्लू जिला मुख्यालय स्थित भूतनाथ मंदिर में बुधवार को देवता संगम महादेव का भव्य देवमिलन अन्य देवताओं के साथ हुआ। देवमिलन वाद्यंत्रों की थाप पर किया गया। देवमिलन देखने के लिए यहां पर श्रद्धालु उमड़े। अगले दो दिनों तक देवता संगम महादेव शहर में देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। शिवरात्रि पर संगम के महादेव दर्शन श्रद्धालुओं ने किए हैं।