वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्शन योजना हो रही कारगर
नाबार्ड द्वारा फाइनेंसिंग करके देश के किसानों की आय बढ़ाना सरकार का उद्देश्य है, जिसके तहत सरकार भिन्न प्रकार की योजनाएं लेकर आती है, ऐसी ही एक योजना 3 वर्ष पहले नाबार्ड के तहत जिले के किसानों के लिए भी लॉन्च हुई थी। इस योजना में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्शन के तहत फार्मर प्रोडक्शन ऑर्गेनाइजेशन संगठन बनाया गया था। इसके तहत 15 गांवों 550 किसान पंजीकृत हुए थे। इस संगठन में एक को- ऑर्डिनेटर और एक अकाउंटेंट भी रखा गया है, जिनका काम गांव में स्कीम को जाकर प्रचार-प्रसार करना होता है। इन 550 बने किसान जो के ग्रुप में शामिल हुए हैं। 10 किसानों का एक बोर्ड भी बनाया गया है, जिसके अध्यक्ष ईसपुर निवासी समाज सेवक एवं प्रसिद्ध किसान विशाल पाठक हैं। विशाल पाठक ने बताया छोटे किसानों को उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार बीज खाद इत्यादि सब्सिडी के तहत मिल जाते हैं और जब उनके छोटे किसानों की फसल तैयार होती है, तो उन्हें बेचने में भी दिक्कत नहीं आती है। इस ग्रुप के मुखिया विशाल पाठक हैं, जिन्होंने बताया कि इस परियोजना से छोटे किसानों को शोषण से बचाने के लिए ही एक ग्रुप तैयार किया गया है। छोटे ग्रुप में मिलकर कंपनी के माध्यम से अपनी आवश्यकता अनुसार खेती का सामान खरीदेंगे और अपनी फसल बेचेंगे तो उन्हें लाभ होगा। उन्होंने बताया कि हरोली तहसील में भदसाली में 40, ईसपुर में 35, पंडोगा मे 50, सिंगा में 40 तथा इस प्रकार अन्य गांवों के किसानों को मिलाकर संख्या 550 बनती है, जो कि इस परियोजना का लाभ उठा रहे हैं। इस परियोजना के निरीक्षक सुनीता देवी ने बताया कि ऊना जिले में 10 किसानों से यह परियोजना शुरू हुई थी। वर्ष 22 -23 में इसका टर्नओवर एक लाख था, अब जिले मे केवल एक ही योजना सक्रिय है। 23-- 24 में इसकी टर्नओवर 50 लाख रुपए और 24-25 में 50 लाख रुपए हो गया है, जिससे किसानों की इनकम में बढ़ोतरी हुई है। विशाल पाठक ने वन जिला वन प्रोडक्शन के तहत आलू की फसल लगभग 200 कनाल में बोई हुई है, जिसके अच्छे परिणाम आने की संभावना है।