कसानों को गेहूं की फसल में भयंकर बीमारी लगने की चिंता सताने लगी
रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं इस समय खेतों में लहलहा रही है। अच्छी पैदावार की उम्मीद है, लेकिन जनवरी महीने के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उससे किसानों को गेहूं की फसल में एक भयंकर बीमारी लगने की चिंता सताने लगी है। अन्नदाता पीला रतुआ रोग से डरे हुए हैं। यह गेहूं की फसल के लिए घातक बीमारी है। यदि समय पर इसका उपचार नहीं किया जाये, तो पूरी फसल को बर्बाद कर सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने पीला रतुआ को लेकर किसानों को आगाह किया है। उनका कहना है कि किसान हर दिन गेहूं की फसल का मुआयना करें। यदि उन्हें कहीं भी गेहूं की फसल में पीलापन दिखे, तो तुरंत सावधानी बरतें और कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर इसे नियंत्रण करें। बताते चलें कि जिला बिलासपुर में तापमान बढ़ गया था। लेकिन, दो दिन से मौसम खराब होने की वजह से दोबारा ठंड बढ़ गई है। हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिला बिलासपुर का तापमान 5 से 6 डिग्री तक गिरा है। जिला में गर्म और सर्द मौसम होने के कारण गेहूं की फसल में पीला रतुआ रोग की संभावना बढ़ गई है। बिलासपुर जिला में करीब 31878 हैक्टेयर एरिया में खेती की जाती है। जिसके तहत 25000 हैक्टेयर एरिया में गेहूं की खेती की जाती है। पूरे बिलासपुर जिला में हजारों परिवार कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। किसानों की गेहूं की फसल को पीला रतुआ रोग लग जायेए तो उनको काफी नुकसान होगा।