हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल 28 फरवरी को आएंगी शिमला, नए संगठन को लेकर करेंगी मंथन, CM समेत सभी MLA होंगे शामिल
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की नव नियुक्त प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल 28 फरवरी को शिमला आ रही हैं। उनका यह दौरा प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे दो दिनों तक पार्टी के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन मंथन करेंगी और संगठन को लेकर उनकी राय लेंगी।
28 फरवरी को संगठन को लेकर बैठकें
रजनी पाटिल का पहला दिन संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के साथ बैठक में बीतेगा।
सुबह 10:30 बजे वे हिमाचल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी इंचार्ज के साथ मीटिंग करेंगी।
दोपहर 12:30 बजे वे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों से चर्चा करेंगी।
दोपहर 3 बजे वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात करेंगी।
1 मार्च को विधायकों और संगठन के नेताओं से चर्चा
1 मार्च को कांग्रेस विधायकों और 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक होगी। इसी दिन वे पार्टी के फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों के साथ भी चर्चा करेंगी। इसके बाद वे शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी और 2 मार्च को दिल्ली लौट जाएंगी।
हिमाचल कांग्रेस साढ़े तीन महीने से बिना संगठन
रजनी पाटिल के इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस पिछले साढ़े तीन महीने से बिना संगठन के चल रही है। 6 नवंबर 2023 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की राज्य, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। लेकिन अब तक नया संगठन घोषित नहीं किया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश में नए कांग्रेस अध्यक्ष पर भी हो सकती है चर्चा
प्रदेश कांग्रेस में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी अटकलें तेज हैं। मौजूदा अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कार्यकाल अप्रैल 2025 तक है, लेकिन उन्हें हटाने की चर्चा चल रही है। ऐसे में रजनी पाटिल के इस दौरे में नए पार्टी अध्यक्ष को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने की थी जल्द संगठन बनाने की मांग
प्रदेश कांग्रेस के नेता भी नए संगठन की जल्द घोषणा चाहते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली जाकर रजनी पाटिल से जल्द संगठन बनाने का आग्रह किया था।
रजनी पाटिल की चुनौती – हिमाचल में कांग्रेस को एकजुट रखना
रजनी पाटिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन में गुटबाजी खत्म कर कांग्रेस को मजबूत करना है। हिमाचल में सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाने के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों को भी गति देना उनकी प्राथमिकता होगी।
हिमाचल कांग्रेस के लिए यह दौरा निर्णायक
रजनी पाटिल का यह दौरा हिमाचल कांग्रेस के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है। पार्टी कार्यकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि इस दौरे के बाद प्रदेश में नया संगठन आकार लेगा और पार्टी को मजबूती मिलेगी।