सरकार ने आत्महत्या मामले की जांच करवाना नहीं समझा उचित : रणधीर
प्रदेश भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस सरकार पर मानवीय मुद्दो पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने अभी तक न तो आईजीएमसी में बिना इजेक्शन के कैंसर मरीज की मौत और न ही एचआरटीसी के धर्मपुर डिपों चालक द्वारा आत्महत्या मामले पर जांच करवाना उचित नहीं समझा है और न ही इन मामलों में शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की हैं। प्रदेश भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि श्री नयना देवी विस क्षेत्र के खारसी गांव के देवराज शर्मा कैंसर से पीडि़त थे तथा उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला में भर्ती थे। जिनकी बिना बायोमैप इंजैक्शन न लगने की बजह से मौत हो गई। न्याय नहीं मिलने पर उनकी बेटी जाहनवीं ने सोशल मीडिया पर बीडियो वायरल की आईजीएमसी प्रशासन पर लापरवाही बरतने व दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। शर्मा ने कहा कि आईजीएमसी में उपचाराधीन देवराज शर्मा के उपचार कर रहे चिकित्सक ने उनके लिए बायोमैप नाम का इंजेक्शन लिखा, जो बाजार में काफी महंगा इंजैक्शन है। पहले तो आईजीएमी की तरफ से उन्हें इंजेक्शन के लिए एक माह तक आने की बात की जाती रही।बाद में उन्हें इसे बाजार से मंगवाने को कह गया, लेकिन उसके दो दिन बाद देवराज की कैंसर से मौत हो गई। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि देवराज के परिजनों ने उपचार के लिए हिम केयर कार्ड को भी अपडेट करवा लिया था, लेकिन आईजीएम के कर्मचारियों ने उनके हिम केयर कार्ड को स्वीकार नहीं किया। वहीं, प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के धर्मपुर डिपों चालक द्धारा आत्महत्या मामले पर डीएम स्तर के अधिकारी से जांच करवा कर व आरएम को वहां स्थानातरित कर केवल लीपापोती करने का काम किया है। जबकि इस मामले में ठोस कार्रवाई किए जाने की आवश्यक है। क्योंकि एचआरटीसी चालक ने आत्म हत्या से पहले आरएम पर उन्हें प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी सतदेव शर्मा, नंद लाल ठाकुर, सलेंद्र भडोल मौजूद रहे।