हंगामे की भेंट चढ़ा एमसी का जनरल हाउस
करीब तीन महीने के अंतराल के बाद आयोजित नगर निगम सोलन का जनरल हाउस हंगामे की भेंट चढ़ गया। मेयर उषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हाउस में पिछले हाउस में पारित मुद्दों पर चर्चा के दौरान दुकानों का किराया बढ़ाने को लेकर हंगामा हो गया। इसके बाद पानी की दरों में सरकार की तरफ से बढ़ोतरी और निगम की तरफ से ठेकेदार से शहर में होर्डिंग लगाने की रिकवरी नहीं किए जाने से नाराज भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने कड़ा विरोध जताया। बात बढ़ी तो उन्होंने आयुक्त एकता कापटा को ही सवालों के घेरे में ले लिया। इस बीच भाजपा पार्षदों ने हाउस से वाकआउट कर दिया। पिछले हाउस में पारित मुद्दों पर चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से जलशक्ति विभाग से मिल रहे प्रति एक हजार लीटर पानी की दरों को 27.71 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए किए जाने और शहर में पिछले 15 वर्षों से होर्डिंग की रिकवरी नहीं किए जाने के अलावा दुकानों के किराये में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता और निर्दलीय पार्षद मनीष कुमार ने हंगामा कर दिया। भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने होर्डिंग की रिकवरी नहीं किए जाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत करार दे दिया। गुप्ता ने आरोप लगाया कि निगम शहर में होर्डिंग लगाने की एवज में ठेकेदार से पिछले 15 वर्षों से लंबित करोड़ों रुपए की रिकवरी नहीं कर पाया। इतना ही नहीं कोर्ट में भी इस मामले की सही से पैरवी नहीं हुई, जिस कारण कोर्ट ने निगम के पक्ष में निर्णय नहीं दिया। इससे नगर निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। इतना ही नहीं गुप्ता ने आयुक्त को ही सवालों के घेरे में ला दिया। उन्होंने कहा कि आयुक्त ने तीन महीने पहले आई जजमेंट को पार्षदों को बताना भी जरूरी नहीं समझा। इससे नाराज होकर शैलेंद्र गुप्ता ने हाउस से वाकआउट कर दिया। उनके समर्थन में डिप्टी मेयर मीरा आनंद सहित भाजपा पार्षदों ने भी वॉकआउट किया।
दुकानों का किराया बढ़ाने का मुद्दा उठाया
हाउस की कार्रवाई शुरू होते ही निर्दलीय पार्षद मनीष कुमार और भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने निगम की दुकानों का किराया बढ़ाने को लेकर भी प्रश्न उठाए। दोनों पार्षदों ने दुकानों का किराया नियम अनुसार बढ़ाने की बात कही। निगम ने शहर की लोकेशन के हिसाब से दुकानों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसकी न्यूनतम दर 5000 हजार रखी गई है। पार्षदों ने तर्क दिया कि इतना किराया बढ़ाना सही नहीं है। इससे रोजी रोटी कमा रहे दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इस पर हाउस ने दुकानदारों का पक्ष सुनने की सहमति दी।
नगर निगम को पहले से महंगा मिलेगा पानी
हाउस के दौरान आयुक्त एकता कापटा ने सरकार की तरफ से पानी की दरों बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जल शक्ति विभाग से 27.71 रुपए प्रति एक हजार लीटर की दर से पानी मिल रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने यह दर बढ़ाकर 100 रुपए कर दी है। इस पर भी भाजपा पार्षदों ने हैरानी जताई। भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने निगम चुनाव के समय शहर के लोगों को सस्ता पानी देने का वादा किया था पर सस्ता पानी देना तो दूर लोगों को गर्मियों के मौसम में 7 से 8 दिन बाद पानी मिला। इसके बाद एक साथ कई महीनों का बिल जारी कर लोगों पर आर्थिक बोझ डालने का काम किया, अब सरकार के नए फरमान से प्रदेशवासियों की उ्मीदों पर पानी फेर दिया है।