भोटा बाईपास पर सार्वजनिक संपत्ति को किया नष्ट
भोटा बाईपास पर हो रहे अवैध कब्जे और बुनियादी ढांचे को गिराए जाने के मामले को लेकर नेशनल हाईवे के अधिकारी सुर्खियों में हैं। इस लापरवाही पर नेशनल हाईवे की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, जब होला हो गया तो एफआईआर दर्ज करवाने की हामी हाईवे के अधिकारियों ने भर ली, लेकिन इस चौक की हालत अवैध कब्जा ने खराब कर रखी है, क्योंकि सड़क तक दुकान का सारा सामान, सरिया बिछा के रखा हुआ है तो कइयों ने पानी की निकासी की नाली के ऊपर लेंटल डालकर दो मीटर आगे तक कब्जा कर रखा है। अब जिस व्यक्ति ने रेन शेल्टर को गिराने का दम भर लिया, वह मामूली बात नहीं है। कारण यह है कि यह चौक पहले बहुत खुला-खुला होता था, लेकिन अब व्यापारिक गतिविधियों के बढऩे की वजह से यह सिकुडऩे लगा है। सड़क की जितनी चौड़ाई थी, वह मुकम्मल तौर पर सिकुड़ चुकी है। देखा देखी में हर कोई यहां पर अवैध कब्जा कर रहा है, लेकिन नेशनल हाईवे के अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें इसकी परवाह नहीं दिखती। भू-माफिया की अनियंत्रित गतिविधियां सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। भोटा बाईपास के पास हुई अतिक्रमण की एक बड़ी कार्रवाई में एक नवनिर्मित बिल्डिंग के मालिक ने कथित तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग के स्वामित्व वाले एक रेन शेल्टर को ध्वस्त कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिल्डिंग मालिक ने बीती 23 मार्च को शाम करीब 7.40 बजे एनएच की संपत्ति पर एक चीड़ का पेड़ गिराकर उसे गिराने का प्रयास किया। जब यह पूरी तरह सफल नहीं हुआ, तो ठीक 4 घंटे बाद रात 11.40 बजे एक जेसीबी सहित भारी मशीनरी का उपयोग करके रेन शेल्टर को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। यह दर्शाता है कि यह कार्य पूरी मंशा और योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। इस दुस्साहसिक कृत्य से हैरान आसपास के निवासियों ने एनएच के एक्सईएन हरि राम को सचेत करने का प्रयास किया। उन्होंने फोन कॉल भी किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लोगों ने सीसीटीवी कैमरे में इसका वीडियो भी बनाया। सवाल यही उठता है कि विभाग की अपनी संपत्तियों की सुरक्षा में लापरवाही पर आखिर कौन जिम्मेदार है। क्या सरकार के ऐसे अधिकारी जवाबदेह नहीं बनेंगे? एनएच अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने से अतिक्रमणकारियों का हौसला और बढ़ गया है। यहां आसपड़ोस में और भी कई तरह के अतिक्रमण सड़क पर हो रहे हैं, लेकिन चुप्पी भयंकर तरीके से इन अधिकारियों ने बना रखी है। ये निजी फायदे के लिए सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
कसी को बख्शा नहीं जाएगा : एक्सईएन
एक्सईएन हरिराम का कहना है कि संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गलती भी मान ली है और इसका सारा मुआवजाचुकाने की भी बात मानी है, लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस चौक पर जहां कहीं भी अवैध कब्जे हो रहे हैं सड़क को कब्जाया जा रहा है। उन सभी लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई एक-दो दिन के भीतर हो जाएगी। जो कब्जे सड़क पर हुए हैं, उन्हें फौरी तौर पर हटाने का काम जारी होगा। किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा।