बेरोजगारों का सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा, अस्थायी भर्तियों पर लगाई जाए रोक
जिला मुख्यालय सोलन में पिछले पांच साल से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे सोलन, सिरमौर, शिमला के सैंकड़ों शिक्षित बेरोजगार युवाओं का प्रदेश सरकार के खिलाफ गुस्सा फूटा। चुनावी वादे के मुताबिक सरकारी नौकरियों की भर्ती नहीं होने से निराश सैकड़ों युवाओं ने सोलन माल रोड में प्रदेश सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण रैली निकाली और डीसी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। शिक्षा प्राप्त युवा बेरोजगार सोलन इकाई के बैनर तले निकाली रैली में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ओल्ड डीसी चौक से ओल्ड बस स्टैंड तक निकाली रैली में युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इकाई का प्रतिनिधित्व कर रहे अभियर्थियों का कहना है कि सरकार ने चुनाव के समय युवाओं से हर वर्ष 1 लाख सरकारी नौकरियां देने की गारंटी दी थी पर अढ़ाई वर्ष बीत जाने के बावजूद सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को नहीं भरा जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि अक्तूबर 2022 में 80 पोस्टकार्ड के 1423 आवेदन किए गए हैं, जिनकी अभी तक कोई भी परीक्षा नहीं करवाई गई है। टीजीटी और जेबीटी की कोई भी भर्ती नहीं हुई है, जिसे तुरंत प्रभाव से इन भर्तियों को सुचारू रूप से लागू किया जाए। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर न रखा जाए। पंचायत सचिव, पटवारी, जेओआई, क्लर्क, नर्स, टीजीटी, जेबीटी, एसआई, एसडीओ, जेई आदि पोस्ट को जल्द भरा जाए। अस्थायी भर्तियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई लगाने की मांग बुलंद की गई। स्थायी भर्ती की नियुक्ति की जाए, वर्तमान सरकार द्वारा गेस्ट टीचर पॉलिसी को वापस लिया जाए और उसकी जगह कमीशन के माध्यम से भर्ती की जाए। विधानसभा भर्ती में जो भी भ्रष्टाचार देखने को मिला है, उन भर्तियों पर रोक लगाई जाए और उसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाए और जो अभ्यर्थी उसमें उत्तीर्ण हुए उनको तुरंत प्रभाव से बाहर किया जाए। एचपीआरसीए को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। प्रदर्शन में शामिल नितिन कुमार, अंकुश ठाकुर, बालकृष्ण, नीरज राणा, अंकित मालवीय, कार्तिक भारद्वाज, साक्षी, मधु, सुमन, दीपिका, तेनजिंग, डोल्मा, मोहित नेगी, शमशेर सिंह सहित अन्यों अभ्यर्थियों ने चेताया कि सोलन में जो धरना-प्रदर्शन किया गया, वह शांतिपूर्वक तरीके से किया गया, अगर सरकार द्वारा इसमें ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तो आगे प्रदेश सरकार के खिलाफ युवा उग्र प्रदर्शन करेंगे। साथ ही विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।