कांग्रेस मुख्यमंत्री के करीबियों को दे रही प्राथमिकता: जयराम
भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार के नकारात्मक रवैये एवं विधायकों के अपमान को लेकर 4 फरवरी को होने वाली विधायक प्राथमिकता की बैठक का भाजपा बहिष्कार करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और दो वर्षों से जो हमारे चुने हुए विधायक अपोजिशन के विशेष तौर से मैं जिक्र करना चाहूंगा, परंपरा के हिसाब से उसका पालन करते हुए विधायक प्राथमिकता की बैठकों में जाते रहे, लेकिन हमें इस बात को लेकर के अफसोस है कि दो वर्ष के कार्यकाल में अपोजिशन के विधायकों की डीपीआर बनने की प्रोसेस अधिकांश जगह पर हुई ही नहीं है। उन्होंने कहा अगर विधायक अपने- अपने क्षेत्र की बात कहना चाहेंगे तो एक दो स्पेसिफिक इश्यूज को लेकर के जो हमने प्राथमिकता दी है, पीडब्ल्यूडी और आईपीएच में दी है उसकी डीपीआर बनाने की प्रोसेस ही शुरू नहीं हुई और दो वर्ष का कार्यकाल कांग्रेस का पूरा हो चुका है। यह तीसरी विधायक प्राथमिकता की बैठक है। सवाल यह उठता है कि जब आपको डीपीआर ही नहीं बनानी है तो निश्चित रूप से उसके बाद फिर विधायकों के कहने पर काम कैसे होंगे? उससे आगे बढ़कर के एक और चीज को लेकर के हिमाचल प्रदेश में एक नई परंपरा शुरू कर दी गई है कि पिछली डीपीआर जो बन कर के तैयार हो भी गई है, उसमें भी लिस्ट बनाकर के मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की जा रही है। कौन-सी डीपीआर नाबार्ड के सामने पेश करनी है और उसमें फिर जो है भारतीय जनता पार्टी यानी कि विपक्ष के विधायकों की डीपीआर बनी है उनके सामने काटा जाए। जयराम ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस के उन विधायकों के लिए प्राथमिकता तय हो रही है जो मुख्यमंत्री के करीब और नजदीक है। केवल उनकी स्कीमों के सामने टिक लगता है और जब हमने रविवार को बहिष्कार का फैसला किया कि तो कांग्रेस के भी बहुत सारे विधायक ऐसे हैं जो संपर्क कर रहे हैं कि हमारी भी स्थिति ऐसी ही है जैसी आपकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रो. प्रेम कुमार धूमल भी विधायकों को उचित स्थान एवं मंच देते थे। प्रेस वार्ता में त्रिलोक जम्वाल, जीत राम कटवाल, डॉ. जनक राज आदि उपस्थित रहे।